तो इसलिए जियो के विज्ञापन में छापी गई थी मोदी की तस्वीर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने टेलिकॉम कंपनियों को चेताते कहा कि ज्यादा दिनों तक लाइसेंस की शर्तों से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि हाल ही में हुई रिलायंस की एजीएम में मुकेश ने टेलिकॉम कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि एक हफ्ते में जियो के ग्राहकों ने पांच करोड़ कॉल फेलियर का सामना करना पड़ा।
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मुकेश ने कहा कि कॉल फेलियर की समस्या कुछ हफ्तों में सुलझा ली जाएगी। ज्यादा दिनों तक लाइसेंस के नियमों से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'आप रसूखदार होते हुए ट्रेफिक लाइट को फांद जाते हैं,लेकिन बिना कार्रवाई किए आपके रसूख को देखते हुए एक या दो बार ही छोड़ा जा सकता है'।
हमारा मानना है कि इंटरकनेक्ट की परेशानी कुछ ही हफ्तों की है। लाइसेंस के नियमों के अनुसार आपको इंटरकनेक्ट देना ही होगा चाहे कितना ही ट्रेफिक क्यों न हो'। उन्होंने रिलायंस जियो को दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप करार देते हुए कहा कि कोई स्टार्टअप बिना एक डॉलर की कमाई के बिना 1.5 लाख करोड़ निवेश नहीं करता है।
जियो के मुनाफा कमाने के सवाल पर अंबानी ने निवेशकों का डर दूर करते हुए कहा कि 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश, जियो के फ्री वाइॅस कॉल्स और बेहद सस्ती दरों पर डेटा ऑफर के बावजूद टेलिकॉम यूनिट में लगाई गई पूंजी '18-19 पर्सेंट का दमदार रिटर्न' देगी। मुकेश ने कहा, 'मैं आपको विश्वास दिला सकता हूं कि हमें नुकसान नहीं होगा। हम भले ही बहुत मोटा मुनाफा न बना सकें, लेकिन अपनी पूंजी पर हमें 18-19 पर्सेंट रिटर्न मिलने की उम्मीद है।'
COAI का CEO कंपनियों के कर्मचारी जैसे कर रहे कार्य
जियो भी अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में दूसरे ऑपरेटरों जैसा तालमेल करेगी। मुकेश अंबानी ने सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कामकाज की आलोचना की, जो देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनियों की प्रतिनिधि संस्था है।
अंबानी ने कहा कि वह इसमें 'लोकतंत्र' लाएंगे। अंबानी ने कहा, 'कुछ महीनों पहले तक मुझे अहसास नहीं था कि यह है तो एसोसिएशन है, लेकिन मेंबर्स की वोटिंग उनकी कमाई पर निर्भर करती है। हमारे पास जीरो रेवेन्यू है, लिहाजा हमारी बात का वजन ही नहीं है।
यह भले ही COAI है, लेकिन यह एक या दो ऑपरेटरों का ही नजरिया पेश करती है, न कि पूरी इंडस्ट्री का।' अंबानी ने कहा कि अगर टॉप दो ऑपरेटरों के पास 51 पर्सेंट हिस्सा तो 'एसोसिएशन का ऑफिशल तो टॉप दो या तीन ऑपरेटरों का कर्मचारी जैसा हो जाता है। जब हमारे पास अच्छी आमदनी होगी तो हम इसका दुरुपयोग नहीं करेंगे। इसकी मैं गारंटी दे रहा हूं।'
जियो के लिए निवेश से होगा निवेशकों को फायदा
वहीं इंटरव्यू में अंबानी ने अखबारों में जियो के विज्ञापनों में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीरों की आलोचना को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, 'जैसे वह आपके पीएम हैं, वैसे ही हमारे पीएम हैं। इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं है।
अगर हमने इसे (जियो का लॉन्च) उन्हें समर्पित नहीं किया होता तो यह एक तरह से अनुचित बात होती क्योंकि डिजिटल इंडिया के लिए उन्हें ज्यादा श्रेय दिया जाना चाहिए।' उल्लेखनीय है कि फोर्ब्स के मुताबिक, अंबानी के पास 22.2 अरब डॉलर की संपत्ति है।
अंबानी ने रिलायंस के इतिहास का हवाला दिया और कहा कि 40 साल पहले उन्होंने इसे ज्वांइन किया था और इस दौरान इसने शेयरहोल्डर्स को 20% का रिटर्न दिया है। निवेशकों के धैर्य रखने पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा, 'मुझे लगता है कि गंभीर निवेशक इसे समझेंगे।'
(Mukesh Ambani to telcos: You cannot break the law beyond few weeks)