जेट एयरवेज के कर्मचारी यूनियन का सवाल, 22 हजार कर्मचारियों की कौन करेगा मदद
बंद हो गई जेट एयरवेज के कर्मचारी संगठन ने सरकार से सवाल पूछा है कि वो कब 22 हजार कर्मचारियों की मदद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख कर कर्मचारी यूनियन ने जेट एयरवेज को फिर से शुरू करने की अपील की है। पत्रकारों से वार्ता करते हुए जेट एयरवेज कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष किरण पावसकर ने कहा कि कंपनी से सीधे तौर पर जुड़े 16 हजार कर्मचारी बेकार हो गए हैं।
नहीं मिलेगी नौकरी
पावसकर ने कहा कि अगर बैंकों ने पैसा नहीं दिया और भविष्य में जेट एयरवेज शुरू नहीं होती है तो फिर कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। ज्यादा उम्र वाले कर्मचारियों को दूसरी कंपनियों में नौकरी नहीं मिलेगी।
नरेश गोयल को बाहर करना गलत
आज जेट एयरवेज को पूरी दुनिया जानती है। जिस व्यक्ति ने 25 साल की मेहनत करके इसका नाम पूरी दुनिया में रोशन किया, उसको ही कंपनी से बाहर कर दिया। ऐसे में लगता है जेट एयरवेज से नरेश गोयल को बाहर निकालने में किसी की साजिश है।
बैंकों पर सवाल
पावसकर ने बैंकों के पैसा न देने के निर्णय पर भी सवालिया निशान उठाते कहा कि बैंक उनसे तो पैसा वसूल कर नहीं पाए, जो घोटाला करके विदेश में बस गए। लेकिन जो शख्स देश में मौजूद है और एक प्रतिष्ठित एयरलाइन का मालिक है उसको पैसा देने में बैंक क्यों मना करते रहे। अगर बैंक जेट एयरवेज को 400 करोड़ रुपये दे देते, तो फिर यह स्थिति नहीं होती जो आज है।जेट एयरवेज के बंद होने के बाद केंद सरकार ने नियमों के तहत सभी तरह की मदद करेंगे ताकि कंपनी फिर से अपनी सेवाओं को चालू कर सके। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि इसके अलावा यात्रियों की भी हर तरह से मदद की जाएगी।