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कोरोना: लॉकडाउन का असर कम करने के लिए एक और पैकेज देने पर विचार कर रही सरकार
Mon, 06 Apr 2020 01:49 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 06 Apr 2020 01:49 AM IST
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कोरोना वायरस का प्रकोप देश में बढ़ रहा है
- फोटो : PTI
केंद्र सरकार ने लॉकडाउन खत्म किए जाने के बाद उत्पन्न होने वाले संभावित हालातों पर काम करना शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के असर को कम करने और अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए सरकार एक और आर्थिक पैकेज देने पर विचार कर रही है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को कहा है कि इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
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अधिकारियों का कहना है कि यह मुद्दा 14 अप्रैल को लॉकडाडन खत्म होने के बाद उठाया जा सकता है। सरकार के विभिन्न महकमों के बीच पैकेज के बारे में चर्चा चल रही है लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उपभोग को फिर से बहाल करने के लिए कुछ उपायों की जरूरत होगी।
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यदि किसी पैकेज की घोषणा होती है तो यह कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया तीसरी अहम पहल होगी। इस राहत पैकेज पर प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है।
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24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी लॉकडाउन के एलान से कुछ घंटों पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करदाताओं और कारोबारियों के लिए राहत उपायों की घोषणा की थी। इसके दो दिन बाद, उन्होंने लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित लोगों के लिए 1.7 लाख करोड़ के राहत पैकेज का एलान किया था।
अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद की परिस्थितियों के हिसाब से कुछ सरकारी और कुछ कल्याणकारी योजनाओं को नए सिरे से तैयार करने की संभावना पर भी गौर फरमा रहे हैं। मंत्रालयों द्वारा स्कॉलरशिप और फेलोशिप देने, रबी फसलों की कटाई जैसे कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सरकार लोगों की समस्याओं को एक-एक कर सुलझाएगी।