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वाणिज्य कर विभाग ने पकड़ी तीन करोड़ की टैक्स चोरी
Mon, 04 Mar 2019 11:48 PM IST
gaurav gaurav
हरदोई
हरदोई
Published by: gaurav gaurav
Updated Mon, 04 Mar 2019 11:48 PM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : प्रतीकात्मक
वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने तीन करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का मामला पकड़ा है। संबंधित फर्म को टैक्स चोरी की धनराशि जुर्माना सहित अदा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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शहर में स्थित ओम ट्रेडिंग में मीठी सुपाड़ी बनाकर बेचने का कारोबार किया जाता है। उक्त कंपनी ने कारोबार से जुड़े ब्योरे को ऑनलाइन वाणिज्य कर विभाग की वेबसाइट पर फीड किया था। इसके मुताबिक उक्त कंपनी सुपाड़ी का कारोबार करती है। इस पर पांच फीसदी जीएसटी के हिसाब से टैक्स भी अदा किया था। बीते दिनों ऑनलाइन दाखिल किए गए ब्योरों की जांच हुई तो डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर प्रथम प्रमोद कुमार को ओम ट्रेडिंग कंपनी पर शंका हुई। इस पर विस्तृत जांच की गई तो पता चला कि संबंधित फर्म ने सिर्फ सुपाड़ी बेचने (कच्चा माल) का ब्योरा ही अपलोड किया है। वास्तव में कच्चे माल से मीठी सुपाड़ी तैयार कर इसकी आपूर्ति की जाती है। जांच के दौरान संबंधित फर्म को नोटिस जारी की गई, लेकिन जवाब नहीं दिया जा सका। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि 13 फीसदी टैक्स चोरी का मामला पकड़ा गया है। कच्चे माल के व्यापार पर पांच फीसदी जीएसटी है, लेकिन कच्चे माल से उत्पाद तैयार कर इसे बेचने पर 18 फीसदी जीएसटी निर्धारित है। इस लिहाज से 13 फीसदी टैक्स की चोरी की जा रही थी। वाणिज्य कर अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि सेंट्रल जीएसटी के रूप में एक करोड़ 54 लाख रुपये और स्टेट जीएसटी के रूप में भी एक करोड़ 54 लाख रुपये जमा कराने के निर्देश फर्म को दिए गए हैं। आंकलन के बाद 31 लाख रुपये का जुर्माना भी संबंधित फर्म पर लगाया गया है। इस लिहाज से देखें तो तीन करोड़ 39 लाख रुपये की वसूली टैक्स के रूप में फर्म से की जाएगी। उधर दूसरी ओर ओम ट्रेडिंग कंपनी का कार्य संभालने वाले सुधीर अवस्थी ने बताया कि अधिकारियों ने अपने हिसाब से टैक्स लगा दिया है। उन्होंने बताया कि फर्म ने तैयार किया हुआ माल नहीं बेचा है। फर्म की ओर से मामले को उच्चाधिकारियों के सामने रखा जाएगा।
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ऐसे फंसते चले गए फर्म के जिम्मेदार
ओम ट्रेडिंग कंपनी के जिम्मेदारों ने एक अप्रैल 2018 से दिसंबर 2018 तक 18 करोड़ रुपये का व्यवसाय दिखाया। इस अवधि के व्यापार के जो अभिलेख दिखाए गए उनके मुताबिक 18 करोड़ रुपये की सुपाड़ी यानी कच्चा माल जिले में ही फुटकर विक्रेताओं को खपा दिया गया। जब इसका ब्योरा मांगा गया तो संबंधित फर्म की ओर से कोई जानकारी नहीं दी जा सकी। इतना ही नहीं वाणिज्य कर विभाग ने संबंधित फर्म की कैशबुक सहित कई अन्य अभिलेखों में भी गड़बड़ी पकड़ने का दावा करते हुए टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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बहराइच में भी पकड़ा गया था फर्म का माल, जुर्माने के बाद मिली थी राहत
वाणिज्य कर विभाग से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानें तो ओम ट्रेडिंग कंपनी पहली बार कर चोरी के मामले में नहीं फंसी है। 27 जून 2018 को फर्म में बनी मीठी सुपाड़ी को बहराइच में असिस्टेंट कमिश्नर के सचल दल ने पकड़ा था। तब 158970 की मीठी सुपाड़ी बिना ई-वे बिल के साथ परिवहन करते पकड़ी गई थी। सचल दल ने इस पर माल के कुल मूल्य पर 18 फीसदी जीएसटी के हिसाब से वसूली कर माल अवमुक्त किया था।