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Muhammad Yunus: जेल जाते-जाते सत्ता के शीर्ष तक कैसे पहुंच गया गरीबों का बैंकर? कभी कहा गया था खून चूसने वाला

Wed, 07 Aug 2024 11:01 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 07 Aug 2024 11:01 AM IST
सार

मोहम्मद यूनुस, एक नोबेल पुरस्कार विजेता हैं, उन्हें "गरीबों में सबसे गरीब के बैंकर" के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि एक बार शेख हसीना ने उन्हें खून चूसने वाला तक कह दिया था। 83 साल के यूनुस हसीना के जाने-माने आलोचक और विरोधी हैं।

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Who is Muhammad Yunus, the Nobel-winning 'banker to the poor' set to lead Bangladesh now?
मोहम्मद यूनुस - फोटो : amarujala.com

विस्तार

नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह निर्णय राष्ट्रपति शहाबुद्दीन और भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के नेताओं के बीच एक बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद थे। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने कहा कि अंतरिम सरकार के अन्य सदस्यों को विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। यूनुस फिलहाल देश से बाहर हैं लेकिन उन्होंने शेख हसीना के शासन के अपदस्थ होने का स्वागत करते हुए इसे देश की 'दूसरी आजादी' करार दिया है।

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आइए जानते हैं कैसे एक नोबेल विजेता जिसके सामने जेल जाने की नौबत आ गई थी आखिरकार बांग्लादेश में सत्ता के शीर्ष तक पहुंच गया।

कौन हैं मोहम्मद यूनुस?
मोहम्मद यूनुस, एक नोबेल पुरस्कार विजेता हैं, उन्हें "गरीबों में सबसे गरीब के बैंकर" के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि एक बार शेख हसीना ने उन्हें "खून चूसने वाला" तक कह दिया था। 83 साल के यूनुस हसीना के जाने-माने आलोचक और विरोधी हैं। उन्होंने शेख हसीना के इस्तीफे को देश का "दूसरा मुक्ति दिवस" करार दिया है। पेशे से अर्थशास्त्री और बैंकर, यूनुस को 2006 में गरीब लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की मदद के उद्देश्य से माइक्रो क्रेडिट के उपयोग का बीड़ा उठाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। नोबेल शांति पुरस्कार समिति ने यूनुस और उनके ग्रामीण बैंक को नीचे से आर्थिक और सामाजिक विकास बनाने के उनके प्रयासों के लिए सराहा था। श्रेय दिया था।
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क्या है ग्रामीण बैंक की कहानी?
यूनुस ने 1983 में ग्रामीण बैंक की स्थापना उन उद्यमियों को छोटे ऋण प्रदान करने के लिए की थी जो आम तौर पर ऋण प्राप्त करने की अर्हता नहीं रखते थे। लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में बैंक की सफलता ने अन्य देशों में भी इसी तरह के सूक्ष्म वित्तपोषण के प्रयासों को जन्म दिया।
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यूनुस और शेख हसीना के बीच क्या विवाद था?
यूनुस 2008 में उस वक्त मुसीबत में पड़ गए जब पीएम शेख हसीना के प्रशासन ने उनके खिलाफ जांच की एक शृंखला शुरू कर दी। यूनुस ने इससे पहले घोषणा की थी कि वह 2007 में एक राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। उस समय देश का संचालन सेना समर्थित सरकार की ओर से किया जा रहा था। जांच के दौरान हसीना शासन ने यूनुस पर ग्रामीण बैंक की प्रमुख के तौर पर गरीब ग्रामीण महिलाओं से कर्ज वसूलने के लिए बल और अन्य साधनों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। हालांकि यूनुस अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते रहे। हसीना की सरकार ने 2011 में बैंक की गतिविधियों की समीक्षा शुरू की और यूनुस को सरकारी सेवानिवृत्ति नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में प्रबंध निदेशक के पद से हटा दिया। उन पर 2013 में सरकार की अनुमति के बिना धन प्राप्त करने के आरोप में मुकदमा चलाया गया। इस राशि में उनका नोबेल पुरस्कार और एक पुस्तक से मिलने वाली रॉयल्टी भी शामिल थी।

नोबेल विजेता के समने कैसे आ गई थी जेल जाने की नौबत?
बाद में उन्हें अपनी बनाई गई अन्य कंपनियों में भीआरोपों का सामना करना पड़ा, जिसमें ग्रामीण टेलीकॉम भी शामिल है। जो देश की सबसे बड़ी मोबाइल फोन कंपनी ग्रामीण फोन का हिस्सा है और नॉर्वेजियन टेलीकॉम दिग्गज टेलीनॉर की सहायक कंपनी है। 2023 में, कुछ पूर्व ग्रामीण टेलीकॉम कर्मचारियों ने यूनुस के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसमें उन पर अपनी नौकरी के लाभों को छीनने का आरोप लगाया गया। उन्होंने तब भी आरोपों से इनकार किया। इस साल की शुरुआत में, बांग्लादेश में एक विशेष न्यायाधीश की अदालत ने यूनुस और 13 अन्य को 2 मिलियन डॉलर के गबन के मामले में दोषी ठहराया था। यूनुस ने खुद को बेकसूर बताया था और फिलहाल वह इस मामले जमानत पर हैं। यूनुस के समर्थकों का कहना है कि हसीना के साथ खराब संबंधों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।


ग्रामीण बैंक की प्रेरणा यूनुस को कहां से मिली? 
यूनुस का जन्म 1940 में बांग्लादेश के बंदरगाह शहर चटगांव में हुआ था। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय से पीएचडी हासिल की और बांग्लादेश लौटने से पहले वहां कुछ समय के लिए पढ़ाया। 2004 में एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में यूनुस ने कहा कि ग्रामीण बैंक की स्थापना के लिए उन्हें तब प्रेरणा मिली, जब उनकी मुलाकात बांस की कलाकृति बुनने वाली एक गरीब महिला से हुई। वह अपना कर्ज चुकाने के लिए संघर्ष कर रही थी। यूनुस ने साक्षात्कार में बताया, "मैं समझ नहीं पा रहा था कि जब वह इतनी खूबसूरत चीजें बना रही थी तो वह इतनी गरीब कैसे हो सकती है।"

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