फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   While the industry called the budget balanced, the market said that tax cuts will increase disposable income

Budget 2025 : उद्योग जगत ने बजट को संतुलित बताया; बाजार का कहना- कर कटौती से डिस्पोजेबल आय में होगी वृद्धि

Sat, 01 Feb 2025 05:26 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नविता स्वरूप Updated Sat, 01 Feb 2025 05:26 PM IST
सार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के एमडी एवं सीईओ आशीष चौहान ने कहा कि यह बजट मजबूत विकास के उपायों, बढ़े हुए पूंजीगत व्यप और कम कर बोझ के साथ भारत की विकास की गति को आगे बढ़ाएगा।

विज्ञापन
While the industry called the budget balanced, the market said that tax cuts will increase disposable income
Share Market - फोटो : ANI

विस्तार

बजट 2025 के दिन शेयर बाजार का इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी जो सपाट खुले, लेकिन बजट भाषण पेश होते हुए लाल निशान पर फिसल गए।   बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार शेयर बाजार में गिरावट पूंजीगत व्यय जो कि 11 लाख करोड़ रुपये होना था, जो सरकार की तरफ से 10.18 लाख करोड़ रुपये का दिया गया है इसकी वजह से बाजार में निराशा  देखने को मिली है। इसके बाद भी बाजार के विशेषज्ञों और उद्योग को यह बजट पसंद आया है। उद्योग ने इसे संतुलित बताया है तो बाजार के जानकारों का कहना है कि बजट में हुई कर कटौती से डिस्पोजेबल आय में वृद्धि से उपभोग में बढ़ोतरी होगी और बाजारों के माध्यम से भारतीय परिवारों को और अधिक धन सर्जित करने के अवसर मिलेगे।

विज्ञापन


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के एमडी एवं सीईओ आशीष चौहान ने कहा कि यह बजट मजबूत विकास के उपायों, बढ़े हुए पूंजीगत व्यप और कम कर बोझ के साथ भारत की विकास की गति को आगे बढ़ाएगा। डिस्पोजेबल आय में वृद्धि से उपभोग में बढ़ोतरी होगी और बाजारों के माध्यम से भारतीय परिवारों को और अधिक धन सर्जित करने के अवसर मिलेगे। ज्यादा से ज्यादा लोग मौजूदा 11 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स के ग्रुप में शामिल होकर स्टेकहोल्डर्स बनेंगे जो भारत की विकास की यात्रा के लिए लाभकारी होगा। वे कहते हैं इससे आर्थिक विकास, पूंजी निर्माण और रोजगार सृजन को बढ़ावा तो मिलेगा साथ रोजगार, शिक्षा महिला सशक्तिकरण तथा युवाओं, किसानों और एमएसमई को विशेष समर्थन मिलेगा।
विज्ञापन


असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट के रिसर्च हेड सिद्धार्थ भामरे कहते हैं कि बजट बाजार के लिए नहीं पेश किया गया है, यह आम नागरिकों के लिए पेश किया जाने वाला बजट है। हमने पहले भी कहा था बजट में ऐसा कुछ भी नहीं आएगा जो बाजार को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दे। पिछले छह महीनें से बाजार चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसमें आर्थिक वृद्धि की गति धीमी होना, विदेशी निवेशकों द्वारा बिकवाली और दूसरी तिमाही में कंपनियों की आय कम होना मुख्य वजह हैं और अब सरकार द्वारा कैपिटल खर्च कम कर दिए जाने की वजह से बाजार लाल निशान पर बना हुआ है। उनका कहना है आनेवाले समय में निवेशकों को बाजार में लॉग टर्म निवेश की ओर देखना पड़ेगा, क्योंकि मौजूदा समय में शार्ट टर्म का समय अधिक नहीं रहा है, यानी मिड और स्मॉल कैप के बजाए लंबी अवधि के लिए निवेश और शोध करके निवेश करने की प्रवृत्ति जो कि हमारे नए निवेशकों में बिल्कुल नहीं है, उनकों अपनानी होगी। यह बजट उपभोग को बढ़ावा देने के लिए करदाताओं को राहत प्रदान करेगा और साथ ही सुधारों की एक श्रृंखला के माध्यम से दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कदम लिए गए हैं, जो भले ही बहुत बड़े कदम न लगें, लेकिन एक ऐसी गति जरुर पैदा करेंगे जो समय के साथ अपने आप फल फूल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोटक सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ श्रीपाल शाह कहते हैं केंद्रीय बजट 2025 स्पष्ट रूप से वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करते हुए विकास को गति देने के लिए उपभोक्ता मांग को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। पिछले दो तिमाहियों में आर्थिक विस्तार धीमा होने के साथ नए घोषित उपायों को एक बार फिर से गति प्रदान करने बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आयकर में बड़ी राहत दी गई है, जिसमें 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को अब टैक्स नहीं देना होगा। इससे फैसले से मध्यम वर्ग परिवार पर वित्तीय बोझ कम होने, बढ़ती महंगाई से कीमतों के प्रभाव को कम करने और उपभोक्ता खर्च को साथ निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा टीडीएस और टीसीएस व्यवस्था में कई सुधार को अच्छा कदम है। सेंट्रल केवाईसी एक अच्छा फैसला है, एक जगह पर केवाईसी होने से नए निवेशकों को बाजार में आने में सुविधा होगी। इससे बाजार में और निवेशक जुड़ेगे और निवेश को गति मिलेगी।

पिरामल समूह के मुख्य अर्थशास्त्री देबोपम चौधरी कहते हैं कि बजट के राजकोषीय प्रबंधन से ऋण बाजारों को लाभ मिलना चाहिए। वित्त वर्ष 2025 में आर्थिक वृद्धि उम्मीद से कम रहने के बावजूद 4.8 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा लक्षित 4.9 प्रतिशत से बेहतर था, साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण ने वित्त वर्ष 2026 में विकास के 6.8 प्रतिशत या उससे कम पर सीमित रहने की उम्मीद जताई है, लेकिन केंद्र सरकार के राजकोषीय घाटे का अनुमान 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बजट में घोषणाओं के बाद 10 साल की सरकारी सुरक्षा में 15 आधार अंकों की और कमी होने की उम्मीद मुझे लगती है। कोविड के बाद कोई भी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था इस गति से राजकोषीय घाटे को कम करने में सक्षम नहीं रही है, यह भारत को एक उभरीती हुई आर्थिक शक्ति के रूप उसकी स्थिति को  और मजबूत करेगा।  कर कटौती के कारण भारत के बड़े मध्यम वर्ग वाली आंबादी को अतरिक्त आय उपलब्ध होने की उम्मीद है, इससे वित्त वर्ष 2026 में धीमा होते सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को खत्म करने और भारतीय अर्थव्यवस्था जहां मौजूदा समय में सुस्ती देखी जा रही है उसको बाहर निकालने में सहायक होगा।  


सीआईआई पश्चिम क्षेत्र की अध्यक्ष स्वाति सालगांवकर, ने बजट को अच्छा बताते हुए कहा है कि बजट में राजकोषीय प्रबंधन से ऋण बाजार को फायदा मिलने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025 में आर्थिक वृद्धि उम्मीदों से पीछे रहने के बाद भी 4.8 प्रतिशत का राजकाषीय घाटा एक संतुलित बजट है, जो आम आदमी से लेकर उद्योग जगत तक सभी को ध्यान में रखता है। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि सीआईआई की कई सिफारिशों को बजट में जगह मिली है। आयकर में कटौती से खपत बढ़ेगी और उत्पादन में वृद्धि से एक अच्छा आर्थिक चक्र शुरू होगा। बजट का फोकस हमारे युवाओं, महिलाओं और आर्थिक रूप से पिछले लोगों और किसानों पर है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed