विली वॉल्स: 2027 तक इंडिगो के बेड़े में शामिल होंगे 14 नए ए321 एक्सएलआर विमान, जानें सीईओ ने क्या बताया?
- इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विली वॉल्श ने बताया कि एयरलाइन के बेड़े में दिसंबर 2027 तक 14 नैरो-बॉडी ए321 एक्सएलआर विमान शामिल होंगे।
- उन्होंने हवाई अड्डों के साथ प्रभावी साझेदारी पर भी जोर दिया। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
विमानन कंपनी इंडिगो अपने बेड़े का विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी ने दिसंबर 2027 तक कुल 14 नैरो-बॉडी ए321 एक्सएलआर विमान शामिल करने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण जानकारी इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विली वॉल्श ने दी है।
वॉल्श ने बताया कि इन नए विमानों के आने से इंडिगो की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। ये नैरो-बॉडी ए321 एक्सएलआर विमान लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। कंपनी अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने हवाई अड्डों के साथ प्रभावी साझेदारी की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सफल संचालन के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। वॉल्श के अनुसार, मजबूत साझेदारियां यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने में सहायक होंगी।
हवाई अड्डों से साझेदारी क्यों जरूरी है?
इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विली वॉल्श ने हवाई अड्डों के साथ प्रभावी साझेदारी को आवश्यक बताया है। उनका मानना है कि यह एयरलाइन के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर समन्वय से उड़ानों की समयबद्धता और यात्री सुविधा में सुधार होता है। यह साझेदारी यात्रियों को एक सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने में मदद करेगी।
एयर इंडिया को मुनाफे में लाने की क्या है योजना?
एयर इंडिया के सीईओ टेवोल्डे गेब्रेमेरियम ने कहा है कि कंपनी को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मजबूत नींव तैयार हो चुकी है और आने वाले समय में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। हालांकि, फिलहाल कंपनी के लिए मुनाफा कमाना एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए कारोबार के हर हिस्से में लागत घटाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों और चुनौतियों को देखते हुए एयर इंडिया अपने हवाई नेटवर्क और प्रमुख हब की व्यवस्था में भी बदलाव कर सकती है।
क्या भारत बन सकता है दुनिया का बड़ा एविएशन हब?
गेब्रेमेरियम के मुताबिक, अगर सही समय पर सही फैसले लिए जाएं तो भारत वैश्विक विमानन हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है, लेकिन आने वाले समय में तस्वीर बदलेगी। कंपनी बड़े विमानों (वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट) का ऑर्डर बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, क्योंकि उसे भविष्य में हवाई यात्रा की मांग में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
एयर इंडिया को मुनाफे में देखने की कितनी जल्दी है सीईओ को?
गेब्रेमेरियम ने कहा कि एयर इंडिया को मुनाफे में आते देखने की बेचैनी शेयरधारकों से भी ज्यादा उन्हें है। उन्होंने भरोसा जताया कि लागत पर नियंत्रण, नेटवर्क में बदलाव और विमानों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम कंपनी की वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद करेंगे।