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Euthanasia: मानसिक बीमारी से जूझ रहे ब्रिटिश युवक ने लिया चौंकाने वाला फैसला, इच्छामृत्यु चुनी; वजह भी बताई

Sat, 22 Mar 2025 09:57 AM IST
कुमार विवेक वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 22 Mar 2025 09:57 AM IST
सार

Euthanasia: 28 साल के एक ब्रिटिश-घानाई कलाकार ने एक चौंकाने वाला फैसला किया है। उन्होंने अपनी मानसिक बीमारी के साथ जीने के बजाय इच्छामृत्यु के साथ अपना जीवन समाप्त करने का विकल्प चुना है। उन्होंने इसका कारण भी बताया है, आइए इस बारे में जानते हैं।

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UK Man, 28, Opts For Euthanasia Rather Than Living With Mental Illness, Documents His "Last Supper"
पीड़ित - फोटो : instagram/okuntakinte

विस्तार

28 साल के एक ब्रिटिश-घानाई कलाकार ने एक चौंकाने वाला फैसला किया है। उन्होंने अपनी मानसिक बीमारी के साथ जीने के बजाय इच्छामृत्यु के साथ अपना जीवन समाप्त करने का विकल्प चुना है। जोसेफ अवुआ-डार्को नामक युवक ने मानसिक स्वास्थ्य के साथ अपनी दशकों पुरानी लड़ाई को सोशल मीडिया पर साझा किया है। 

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उन्होंने बताया है कि वे बायपोलर के साथ जीने के असहनीय दर्द के कारण कानूनी रूप से अपना जीवन समाप्त करना चाहते हैं, इसलिए वे नीदरलैंड आ गए। वह वर्तमान में इच्छामृत्यु के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें चार साल तक का समय लग सकता है। तब तक, उन्होंने 'द लास्ट सपर प्रोजेक्ट' नामक गतिविध शुरू की है।  जिसमें वे अपने सफर को साझा करने के लिए डिनर पर अजनबियों से मिलते हैं।
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जोसेफ ने दिसंबर में पोस्ट किए गए एक भावनात्मक इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, "मैं बायपोलर डिजॉर्डर से पीड़ित हूं और कानूनी रूप से अपना जीवन समाप्त करने के लिए नीदरलैंड चला गया।" 28 वर्षीय जोसेफ ने मानसिक बीमारी के साथ अपने संघर्षों को साझा किया। उन्होंने कहा कि वह हर दिन "गंभीर दर्द" में जागते हैं, जिसके कारण उन्होंने चिकित्सकीय सहायता से मृत्यु का विकल्प चुना। 
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उन्होंने खुलासा किया कि नीदरलैंड में इच्छामृत्यु विशेषज्ञ केंद्र के साथ आधिकारिक अनुरोध दायर करने से पहले उन्होंने इस निर्णय पर पांच साल तक विचार किया। उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि जीवन जीने लायक नहीं है। यह बिल्कुल है। मैं यह कह रहा हूँ कि मेरा मानसिक बोझ पूरी तरह से असहनीय हो गया है।" 

उन्होंने कैप्शन में लिखा, "मैं 20 के दशक में कई लोगों की तरह खास नहीं हूँ; लगातार बर्नआउट, कर्ज का बोझ, लकवाग्रस्त अवसाद, हिंसक मीडिया चक्र और एआई की डायस्टोपियन वास्तविकता ... सभी भारी बोझ हैं। बाइपोलर होने की वास्तविकता ने इन सभी का असर और बढ़ा दिया है।"  उन्होंने कहा, "अब पहले से कहीं ज़्यादा, मानवीय तरीके से सम्मान के साथ आराम करना अधिक मायने रखता है।"


उन्होंने बताया कि नीदरलैंड के इच्छामृत्यु विशेषज्ञ केंद्र में आधिकारिक अनुरोध दायर करने से पहले उन्होंने इस निर्णय पर पांच साल तक विचार किया। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, बायपोलर डिसॉर्डर मस्तिष्क का एक उन्मत्त-अवसादग्रस्त रोग है, जो मनोदशा और ऊर्जा के स्तर में अत्यधिक परिवर्तन का कारण बनता है।

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