GST काउंसिल की अहम बैठक आज, कम हो सकता है इन सब उत्पादों पर कर
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कई उद्योग संगठनों की ओर से दरों में कटौती की मांग के बीच शुक्रवार को जीएसटी परिषद की बैठक होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में परिषद के सदस्य दरों में कटौती का फैसला लिए जाने से पहले राजस्व की स्थिति और आर्थिक विकास की सुस्त रफ्तार पर मंथन करेंगे।
गोवा में होगी बैठक
गोवा में परिषद की यह 37वीं बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विकास दर पांच फीसदी के साथ छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। बैठक से पहले ही बिस्कुट निर्माता उद्योग सहित एफएमसीजी, ऑटो उद्योग और होटल उद्योग ने जीएसटी दरों में कटौती की मांग शुरू कर दी है। इन कंपनियों का कहना है कि जीएसटी दरों में कटौती से इन उत्पादों की मांग और खपत बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।
वाहन उद्योग ने की जीएसटी में कटौती की मांग
टाटा मोटर्स ने सरकार पर वाहन उद्योग के हित में फैसला लेने का भरोसा जाहिर करते हुए कर की दर में कटौती की मांग की। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी गुंटेर बुत्शेक ने कहा, ‘वाहन उद्योग जीएसटी मे कटौती या उसके बिना भी बना रहेगा, लेकिन इसे घटाए जाने की जरूरत है।’
उधर वाहन डीलरों के संगठन फाडा ने इस संबंध में वित्त मंत्री को पत्र लिखा। फाडा के अध्यक्ष हर्षराज काले ने कहा कि जीएसटी दर में कटौती के अनुमान से ग्राहक वाहन खरीदने के फैसले टाल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘त्योहारी सीजन हमारी सबसे बड़ी चिंता है। ऐसे में जीएसटी में कमी अहम हो गई है।’ गाड़ियों पर फिलहाल 28 फीसदी टैक्स और सेस लगता है। हालांकि अब काउंसिल इसे घटाकर 18 फीसदी कर सकती है।
FMCG सेक्टर को भी मिल सकती है राहत
एफएमसीजी सेक्टर में छाई मंदी से निपटने के लिए काउंसिल टैक्स स्लैब में कमी कर सकती है। वहीं घाटे की भरपाई के लिए पांच फीसदी स्लैब को खत्म किया जा सकता है।
बिस्किट पर घट सकता है स्लैब
बिस्किट पर फिलहाल 18 फीसदी टैक्स लगता है। वहीं बिस्किट पर स्लैब को 12 फीसदी स्लैब किया जा सकता है।
होटल कमरों पर भी कम हो सकता है जीएसटी
पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन में आम सहमति से पारित प्रस्ताव में 7,500 रुपये से अधिक के होटल कमरों पर 28 फीसदी और 2,500 रुपये से 7,500 रुपये के किराये वाले कमरों पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगाने पर चिंता जताई गई। प्रस्ताव में कहा गया है कि अन्य देशों की तुलना में कर की दर ऊंची है। इसलिए सरकार विदेशी और घरेलू पर्यटकों को बड़ी राहत देते हुए होटलों पर टैक्स घटा सकती है। माना जा रहा है कि बैठक में होटल कमरों पर लगने वाले 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी किया जा सकता है और 18 फीसदी दर को पांच फीसदी किया जा सकता है।