टी-वैली की पत्तियों का जादू और चाय के अलग-अलग जायके
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दुनियाभर में चाय के दीवानों की कमी नहीं है, तभी तो पानी के बाद सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ चाय ही है। क्या आप जानते हैं कि सुबह उठकर जिस चाय से आप नींद खोलते हैं, या दफ्तर में तरोताजा होने के लिए जिस चाय को आप पीते हैं उसका नाम क्या है?
यूं तो चाय के विभिन्न प्रकार हैं- ब्लैक टी, व्हाइट टी, ग्रीन टी, यैलो टी, ग्रीन टी, लेकिन चाय जिस पत्ती से बनाई जाती है, उसके पौधे का नाम है- केमेलिया सिनेन्सिस। इसी पौधे की पत्तियों लेकर अलग-अलग प्रकार से प्रोसेस किया जाता है और आपको कई तरह की चाय का जायका मिलता है।
चाय के अलग-अलग जायकों का स्वाद तब और बढ़ जाता है, जब इसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग का तरीका शानदार हो। इस काम में टी-वैली का कोई जवाब नहीं है।
दुनिया में ब्लैक टी का जलवा
दुनिया भर में सबसे ज्यादा ब्लैक टी पी जाती है, वास्तव में इसका रंग हरा ही होता है, लेकिन प्रोसेसिंग के कारण यह काली हो जाती है। इसी को ब्लैक टी को कुछ लोग पानी उबालकर ब्लैक टी पीते हैं। इसी ब्लैक टी को हम दूध उबालकर पीते हैं, जो कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा भारत में ही इस्तेमाल किए जाने वाला तरीका है।
दुनिया भर में विख्यात असम की वादियों से चुनी गई टी वैली चाय की पत्ती में ब्रह्मपुत्र की महक का जादू है। टी वैली 100 फीसदी ओरिजिनल असम चाय और खुशबुदार ऑर्थोडॉक्स पत्तियों का ऐसा बेमिसाल ब्लेंड है, जिसका हर सिप खास होता है।
व्यक्ति को तरोताजा रखने के मामले में ब्लैक टी का जवाब नहीं, लेकिन ग्रीन के टी के भी फायदे कम नहीं हैं। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट अधिक होते है, जो कि कई रोगों को दूर भगाते हैं। इन दोनों चाय का स्वाद टी-वैली के साथ और बढ़ जाता है।
यह स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। चाय कई प्रकार की होती हैं, जैसे- व्हाइट टी, यलो टी, चाइनीज ग्रीन टी, जैपनीज ग्रीन टी, वूलोंग टी और ब्लैक टी बनाई जाती है। जितने प्रकार की चाय होती है, उससे ज्यादा तरीके उन्हें बनाने के हैं।
चाय के अलग-अलग प्रकार
व्हाइट टीइसकी खुशबू बड़ी अच्छी होती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल होते हैं। व्हाइट टी को कोलेस्ट्रोल, ब्लड प्रेशर के लिहाज से अच्छा माना जाता है।
ओलोंग टी
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। यह कैल्शियम, पोटेशियम, कॉपर और सेलेसियम का भी प्रमुख स्रोत है। यह वजन को नियंत्रित करने में भी काफी मददगार मानी जाती है।
दूध वाली चाय
खासतौर से भारत की बात करें तो दूध वाली चाय को ही कई तरीकों को से बनाकर पीने का प्रचलन है। अदरक, इलायची, मसाले वाली चाय काफी पसंद की जाती है। इसके अलावा लेमन टी और पुदीने वाली चाय भी काफी पसंद की जाती है। लेमन टी और पुदीने वाली चाय दोनों स्वास्थ्य के लिहाज से और बेहतर मानी जाती हैं।
टी-वैली रॉयल असम और डोआर्स चाय का प्रीमियम ब्लेंड है, जो चाय के शौकीन भली भांति जानते हैं। हिमालय की तलहटी में उगने वाली डोआर्स चाय अपनी बेजोड़ खूबियों की बदौलत विश्वभर में जानी जाती है। टी- वैली रॉयल को भी आकर्षक रेड कलर के मॉइस्चरप्रूफ टिन कंटेनर में पैक किया जाता है।
टी- वैली फैमिली का तीसरा वेरिएंट है टी-वैली क्लासिक। ये चाय के उन दीवानों के लिए खासतौर पर तैयार की गई है, जिन्हें स्ट्रांग चाय पसंद हैं।