{"_id":"6ac21a12dbe21ef2860277b8","slug":"talks-on-india-canada-economic-partnership-fifth-round-begins-tomorrow-why-is-this-meeting-significant-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत-कनाडा के बीच आर्थिक साझेदारी पर बात: पांचवें दौर की बातचीत कल से शुरू, क्यों है ये बैठक अहम?","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
भारत-कनाडा के बीच आर्थिक साझेदारी पर बात: पांचवें दौर की बातचीत कल से शुरू, क्यों है ये बैठक अहम?
Sun, 04 Oct 2026 02:49 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sun, 04 Oct 2026 02:49 PM IST
सार
भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत का पांचवां दौर 5 अक्तूबर से ओटावा में शुरू होगा। पांच दिन चलने वाली इस वार्ता में दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार शामिल होंगे। दोनों पक्ष इस साल के अंत तक समझौते की बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आइए जानते हैं कि यह बैठक क्यों अहम है?
विज्ञापन
भारत-कनाडा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत और कनाडा के मुख्य वार्ताकार ओटावा में 5 अक्तूबर से प्रस्तावित 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (CEPA) के लिए बातचीत का पांचवां दौर शुरू करेंगे। इसका मकसद इस साल के आखिर तक बातचीत पूरी करना है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
कबतक चलेगा यह कार्यक्रम?
पांच दिन चलने वाली यह बातचीत 9 अक्तूबर को खत्म हो सकती है। बातचीत का चौथा दौर 18 सितंबर को यहां खत्म हुआ था। बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है क्योंकि दोनों देश इस साल के आखिर तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
यह बातचीत क्यों अहम है?
यह बातचीत इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल दिसंबर के आसपास कनाडा का दौरा करने की उम्मीद है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिछले महीने यह बात कही थी।
विज्ञापन
बातचीत को और बढ़ावा देने के लिए, कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू इस महीने के आखिर में 300 लोगों के एक बिजनेस डेलिगेशन के साथ नई दिल्ली का दौरा करेंगे। सिद्धू और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बातचीत की प्रगति की समीक्षा के लिए पिछले महीने मुंबई में मुलाकात की थी।
सीईपीए क्या है?
सीईपीए एक तरह का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है जिसमें दो देश आपस में व्यापार होने वाले ज्यादातर सामानों पर कस्टम ड्यूटी को काफी कम कर देते हैं या पूरी तरह खत्म कर देते हैं। वे कुशल पेशेवरों के आने-जाने के नियमों को भी आसान बनाते हैं और निवेश को आकर्षित करते हैं।
बातचीत रुकी और फिर से शुरु हुई
द्विपक्षीय व्यापार कैसा है?
विज्ञापन
कबतक चलेगा यह कार्यक्रम?
पांच दिन चलने वाली यह बातचीत 9 अक्तूबर को खत्म हो सकती है। बातचीत का चौथा दौर 18 सितंबर को यहां खत्म हुआ था। बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है क्योंकि दोनों देश इस साल के आखिर तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
विज्ञापन
यह बातचीत क्यों अहम है?
यह बातचीत इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल दिसंबर के आसपास कनाडा का दौरा करने की उम्मीद है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिछले महीने यह बात कही थी।
विज्ञापन
बातचीत को और बढ़ावा देने के लिए, कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू इस महीने के आखिर में 300 लोगों के एक बिजनेस डेलिगेशन के साथ नई दिल्ली का दौरा करेंगे। सिद्धू और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बातचीत की प्रगति की समीक्षा के लिए पिछले महीने मुंबई में मुलाकात की थी।
सीईपीए क्या है?
सीईपीए एक तरह का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है जिसमें दो देश आपस में व्यापार होने वाले ज्यादातर सामानों पर कस्टम ड्यूटी को काफी कम कर देते हैं या पूरी तरह खत्म कर देते हैं। वे कुशल पेशेवरों के आने-जाने के नियमों को भी आसान बनाते हैं और निवेश को आकर्षित करते हैं।
बातचीत रुकी और फिर से शुरु हुई
- दोनों देशों ने सबसे पहले 2015 में बातचीत शुरू की थी। 2015-17 के दौरान, उन्होंने प्रस्तावित समझौते पर कई दौर की बातचीत की। उसके बाद, बातचीत रोक दी गई थी।
- मार्च 2022 में, दोनों देशों ने एक अंतरिम समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू की, जिसे आधिकारिक तौर पर 'अर्ली प्रोग्रेस ट्रेड एग्रीमेंट' (शुरुआती प्रगति व्यापार समझौता) नाम दिया गया।
- 2023 में, कनाडा ने बातचीत फिर से रोक दी, जब हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का संभावित संबंध होने के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध बहुत खराब हो गए। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को "बेतुका" बताकर खारिज कर दिया था।
- नवंबर 2025 में, दोनों देशों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए औपचारिक बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला किया।
- दोनों देशों के संबंधों में यह नई सक्रियता पिछले साल जून में कनाडा के कनानस्किस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच हुई बातचीत के बाद आई।
द्विपक्षीय व्यापार कैसा है?
- वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 8.7 अरब अमेरिकी डॉलर से 8.23 प्रतिशत घटकर 2025-26 में 7.95 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
- पिछले वित्त वर्ष में निर्यात 10.63 प्रतिशत बढ़कर 4.67 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि कनाडा से आयात 26.14 प्रतिशत घटकर 2025-26 में 3.28 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।
- कनाडा में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग और 4,27,000 से अधिक भारतीय छात्र रहते हैं।
- कनाडा को भारत के प्रमुख निर्यात में फार्मास्यूटिकल्स (दवाएं), लोहा और इस्पात, समुद्री भोजन, सूती कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन शामिल हैं। कनाडा से प्रमुख आयात में दालें, मोती और अर्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चा तेल शामिल हैं।
- कनाडा को भारत के सेवा निर्यात में दूरसंचार, कंप्यूटर और सूचना सेवाएं, और अन्य व्यावसायिक सेवाएं प्रमुख हैं। अप्रैल 2000 और जून 2026 के बीच भारत को कनाडा से 4.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मिला है।