वैश्विक सुस्ती के बाद भी तेजी से बढ़ती हुई विकासशील अर्थव्यवस्था है भारत: जावडे़कर
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल ही में वैश्विक विकास दर (जीडीपी) को लेकर एक अनुमान जारी किया था, जिसके मुताबिक वैश्विक जीडीपी तीन फीसदी से नीचे रहेगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने शनिवार को कहा कि पूरी दुनिया में आर्थिक सुस्ती का माहौल बना हुआ है। लेकिन भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई विकासशील अर्थव्यवस्था है।
विकासशील अर्थव्यवस्था है भारत
जावडे़कर ने कहा कि, 'चीन, यूरोप और अमेरिका में विकास दर काफी कं हो गई है। चीन में तो यह 11 फीसदी से कम होकर छह फीसद पर आ गई है। लेकिन इस सबके बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई विकासशील अर्थव्यवस्था है।'
केंद्र सरकार ने उठाए तत्काल कदम
इसके अतिरिक्त बैंकिंग सेक्टर पर जावडे़कर ने कहा कि भारत में बैंक बंद नहीं हुए हैं इसलिए ग्राहकों को चिंता करने की बिलकुल जरूरत नहीं है। देश में रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि मैन्यूफैक्चरिंग एवं निर्यात क्षेत्र में कुछ समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इसलिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने समस्याओं के मद्देनजर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आगे उन्होंने कहा कि यह ऐसी सरकार है, जो फैसले लेती है और हाथ पर हाथ धरे बैठी नहीं रहती।
पिछले सात साल में विकास दर ज्यादा
इतना ही नहीं, जावडे़कर ने साल 2024 तक भारत के 50 खरब की अर्थव्यवस्था बनने में मनमोहन सिंह के संदेह पर भी सवाल उठाए हैं। जावडे़कर का कहना है कि पिछले सात साल में भारत की आर्थिक विकास दर सात फीसदी से ज्यादा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे, उस समय अर्थव्यवस्था की हालत निराशाजनक थी।
मनमोहन सिंह ने दिया था ये बयान
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि 50 खरब की अर्थव्यवस्था के लिए 10-12 फीसदी की विकास दर जरूरी है। लेकिन ऐसे संकेत नहीं है। ऐसा होने पर ही साल 2024 तक लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। हालांकि जावडे़कर ने यह भी कहा है कि वित्त मंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह ज्यादा प्रभावी थे।