Sensex Closing Bell: लगातार चौथे सत्र में कमजोर हुआ शेयर बाजार; बिकवाली के बाद सेसेंक्स-निफ्टी में सपाट बंद
Share Market Closing Bell: वायदा कारोबार की एक्सपायरी के दिन गुरुवार को भी घरेलू शेयर बाजार में कमजोर क्लोजिंग हुई। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से हो रही लगातार बिकवाली के बीच बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सपाट बंद हुए। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बाजार की चाल कैसी रही समझने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शेयर बाजार में लगातार जारी गिरावट का सिलसिला गुरुवार को भी नहीं थम सका। वायदा कारोबार की एक्सपायरी के दिन भी प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन सेंसेक्स 16.82(0.02%) अंक कमजोर होकर सपाट बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 36.10 (0.15%) अंक फिसलकर 24,399.40 पर पहुंच गया। इस दौरान डाबर के शेयर 3% तक टूट गए, जबकि अदाणी टोटल के शेयरों ने 8% की ऊंची छलांग लगाई।
शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में सुस्त ढंग से हुआ कारोबार
शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सुस्त कारोबार हुआ। इस दौरान, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के निराशाजनक नतीजों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। दिन के कारोबार के दौरान बेंचमार्क सेंसेक्स ने 80,259.82 का उच्चतम और 79,813.02 का न्यूनतम स्तर छुआ और 446.8 अंक का उतार-चढ़ाव देखा गया।
हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में छह प्रतिशत तक की गिरावट
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से हिंदुस्तान यूनिलीवर में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि एफएमसीजी प्रमुख ने शहरी बाजार से मांग में नरमी के कारण सितंबर 2024 में समाप्त दूसरी तिमाही के लिए समेकित शुद्ध लाभ में 2.33 प्रतिशत की गिरावट की जानकारी दी। इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2,595 करोड़ रुपये रहा।
नेस्ले-आईटीसी के शेयर भी फिसले, अदाणी पोर्ट्स-एसबीआई में बढ़त
नेस्ले, आईटीसी, मारुति, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, लार्सन एंड टूब्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज गिरावट वाली अन्य बड़ी पिछड़ी कंपनियां रहीं। अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, भारतीय स्टेट बैंक और पावर ग्रिड के शेयर लाभ में रहे।
एफआईआई ने बुधवार को 5.6 हजार करोड़ रुपये के शेयर बेचे
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से 5,684.63 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,039.90 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बाजार में क्यों है बिकवाली का माहौल?
एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, बाजार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती एफआईआई की भारी, अभूतपूर्व और निरंतर बिकवाली है, जो 23 अक्टूबर तक 93,088 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। एफआईआई की निकासी का मूल कारण भारतीय शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन और चीन व हांगकांग जैसे बाजारों में अपेक्षाकृत सस्ता और आकर्षक मूल्यांकन है।
गिरावट पर क्या है जानकारों की राय?
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "बाजार में तेजी का रुख आय वृद्धि में गिरावट के रुझान के अनुकूल नहीं है, इसलिए बाजार में हर तेजी पर बिकवाली देखी जा रही है, जिससे निकट अवधि में बाजार का ढांचा 'तेजी पर बिकवाली' में बदल रहा है।"
रुपये में डॉलर के मुकाबले सपाट क्लोजिंग
एशियाई बाजारों में सियोल, शंघाई और हांगकांग में गिरावट रही जबकि टोक्यो में तेजी रही। यूरोपीय बाजार सकारात्मक दायरे में कारोबार करते दिखे। बुधवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुए। रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले 84.07 रुपये पर सपाट बंद हुआ। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.99 प्रतिशत बढ़कर 76.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 138.74 अंक या 0.17 प्रतिशत गिरकर 80,081.98 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 36.60 अंक या 0.15 प्रतिशत गिरकर 24,435.50 अंक पर बंद हुआ था।