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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Securities Market Reforms: Govt Plans to Table Securities Markets Code Bill in Winter Session

प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक: सरकार की ओर से आया बड़ा अपडेट, संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान है यह तैयार

Sat, 22 Nov 2025 08:15 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 22 Nov 2025 08:15 PM IST
सार

Securities Market Reforms: सरकार ने प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक 2025 को एक दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के लिए सूचीबद्ध किया है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गई है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Securities Market Reforms: Govt Plans to Table Securities Markets Code Bill in Winter Session
शीतकालीन सत्र - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सरकार ने प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक 2025 को एक दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के लिए सूचीबद्ध किया है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गई है। एकीकृत प्रतिभूति बाजार संहिता देश के वित्तीय बाजारों में व्यापार को आसान बनाने में मदद करेगी।

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विधेयक में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनियम 1992, डिपोजिटरी अधिनियम 1996 और प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम 1956 के प्रावधानों को एकीकृत संहिता के तहत लाने का प्रावधान है।
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एकल प्रतिभूति बाजार संहिता पहली बार केंद्रीय बजट 2021-22 में प्रस्तावित की गई थी। उस समय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेबी अधिनियम1992, डिपॉजिटरी अधिनियम 1996, प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम 1956 और सरकारी प्रतिभूति अधिनियम 2007 को एक युक्तिसंगत एकल प्रतिभूति बाजार संहिता में एकीकृत करने की योजना का एलान किया था।
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विशेषज्ञों के अनुसार एकीकृत प्रतिभूति बाजार संहिता से अनुपालन लागत में कटौती आएगी। इससे पूंजी बाजार नियामक सेबी, डिपॉजिटरीज और सरकार की ओर से बनाए गए नियमों के बीच टकराव कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि सरकारी प्रतिभूति अधिनियम को प्रतिभूति बाजार संहिता के अंतर्गत लाने से सरकार की उधारी की विश्वसनीयता और विदेशी पूंजी के प्रति जोर भी बढ़ेगा।

बीमा क्षेत्र में एफडीआई को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने वाला विधेयक भी होगा पेश

सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के लिए एक विधेयक पेश करने का प्रस्ताव कर रही है। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। सत्र में 15 कार्य दिवस होंगे।

लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025, जो बीमा क्षेत्र की पहुंच को गहरा करने, विकास में तेजी लाने और व्यापार करने में आसानी को बढ़ाने का प्रयास करता है, संसद के आगामी सत्र के लिए सूचीबद्ध 10 कानूनों का हिस्सा है।



वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष के बजट भाषण में नई पीढ़ी के वित्तीय क्षेत्र सुधारों के हिस्से के रूप में बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। अब तक बीमा क्षेत्र ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के माध्यम से 82,000 करोड़ रुपये आकर्षित किये हैं।

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