Saradha Scam: ईडी ने दायर किया नया आरोप-पत्र, बंगाल के पूर्व डीजीपी और पूर्व सीपीएम विधायक का नाम
Saradha Scam Money Laundering: सारदा घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में ईडी की ओर से दाखिल ताजा आरोप-पत्र में पश्चिम बंगाल सशस्त्र पुलिस के पूर्व डीजीपी रजत कुमार मजूमदार, भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी और माकपा के पूर्व विधायक देबेंद्रनाथ बिस्वास, ईस्ट बंगाल क्लब की कार्यकारी समिति के सदस्य देबब्रत सरकार और संधीर अग्रवाल, सज्जन अग्रवाल, नरेश बलोदिया और अनुभूति प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सारदा समूह धनशोधन मामले में ईडी ने नया आरोप-पत्र दाखिल किया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के एक पूर्व डीजीपी और माकपा के एक पूर्व विधायक को आरोपी बनाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने सारदा समूह धनशोधन मामले में नया आरोप-पत्र दायर किया है और एक पूर्व डीजीपी तथा माकपा के एक पूर्व विधायक को आरोपी बनाया है।
संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत 21 अगस्त को कोलकाता में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत के समक्ष दायर की गई थी और अदालत ने उसी दिन आरोप-पत्र पर संज्ञान लिया था।
ताजा आरोप-पत्र में पश्चिम बंगाल सशस्त्र पुलिस के पूर्व डीजीपी रजत कुमार मजूमदार, भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी और माकपा के पूर्व विधायक देबेंद्रनाथ बिस्वास, ईस्ट बंगाल क्लब की कार्यकारी समिति के सदस्य देबब्रत सरकार और संधीर अग्रवाल, सज्जन अग्रवाल, नरेश बलोदिया और अनुभूति प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि यह कंपनी असम के पूर्व कैबिनेट मंत्री और राज्य कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष दिवंगत अंजन दत्ता के स्वामित्व वाली है।
इन पर शारदा समूह की कंपनियों से अपराध से अर्जित धन हासिल करने और इसे बेदाग संपत्ति के रूप में पेश करने का आरोप है। ईडी के अनुसार, शारदा समूह 2009-2013 के दौरान नियामक प्राधिकरणों से किसी भी उचित अनुमति के बिना पूर्वी भारत के बड़े हिस्से में निर्दोष निवेशकों से बड़ी राशि की अवैध वसूली में लगा हुआ था। इसमें कहा गया है, 'इसके बाद सारदा समूह ने जनता से जुटाए गए धन को प्रवर्तकों के निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया और निवेशकों को भुगतान में चूक की।
एजेंसी ने इससे पहले इस मामले में 380 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के लिए नौ कुर्की आदेश जारी किए थे। ईडी ने आरोपियों के खिलाफ कोलकाता पुलिस की कुछ प्राथमिकियों का अध्ययन करने के बाद 2013 में सारदा समूह और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था।
नामी कंपनियों की नकली शराब बेचने से जुड़े मामले में भी चार्जशीट दाखिलः ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने यूनाइटेड स्पिरिट लिमिटेड और फ्रांसीसी कंपनी परनोड रिकार्ड जैसी ब्रांडेड शराब कंपनियों के नकली सामानों की कथित बिक्री से जुड़े एक मामले में धनशोधन के आरोपों पर आरोप-पत्र दायर किया है। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि किशोर शॉ नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ 21 अगस्त को कोलकाता में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत दर्ज की गई थी और अदालत ने उसी दिन आरोप-पत्र पर संज्ञान लिया था।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला कोलकाता पुलिस द्वारा शॉ के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत दर्ज एफआईआर से उपजा है, जिसमें यूनाइटेड स्पिरिट लिमिटेड और परनोड रिकार्ड इंडिया (पी) लिमिटेड की नकली शराब की बिक्री का आरोप लगाया गया है। ईडी ने जनवरी में शॉ की 13.09 लाख रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि जब्त की थी।