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Anil Ambani: अनिल अंबानी को बड़ी राहत, टैक्स चोरी मामले में कार्रवाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल लगाई रोक

Mon, 26 Sep 2022 03:05 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Mon, 26 Sep 2022 03:05 PM IST
सार

Anil Ambani: आयकर विभाग ने आठ अगस्त 2022 को अंबानी को दो स्विस बैंक खातों में रखे 814 करोड़ रुपये से अधिक के अघोषित धन पर 420 करोड़ रुपये की कथित रूप से टैक्स चोरी करने के मामले में नोटिस जारी किया था। अब हाईकोर्ट से उन्हें इस मामले में राहत मिल गई है।

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Relief: Relief to Anil Ambani in tax evasion case of Rs 420 crore, HC stays action till November 17
अनिल अंबानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 420 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने आयकर विभाग को 17 नवंबर तक अनिल अंबानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करने को कहा है।

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को आयकर विभाग को निर्देश दिया कि वह रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी के खिलाफ काला धन अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मांग करने वाले कारण बताओ नोटिस पर 17 नवंबर तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे।

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आयकर विभाग ने आठ अगस्त 2022 को अंबानी को दो स्विस बैंक खातों में रखे 814 करोड़ रुपये से अधिक के अघोषित धन पर 420 करोड़ रुपये की कथित रूप से टैक्स चोरी करने के मामले में नोटिस जारी किया था। विभाग ने 63 वर्षीय अनिल अंबानी पर "जानबूझकर" चोरी का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने भारतीय कर अधिकारियों को अपने विदेशी बैंक खाते के विवरण के बारे में और अपने वित्तीय हितों का खुलासा नहीं किया है।

विभाग के नोटिस के अनुसार, अंबानी पर काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) कर अधिनियम 2015 की धारा 50 और 51 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है, जिसमें जुर्माना के साथ अधिकतम 10 साल कारावास की सजा का प्रावधान है। अंबानी ने इस महीने की शुरुआत में नोटिस को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें दावा किया गया था कि काला धन अधिनियम 2015 में लागू किया गया था और कथित लेनदेन मूल्यांकन वर्ष 2006-2007 और 2010-2011 के हैं। अंबानी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रफीक दादा ने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों का पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं हो सकता है।


वहीं दूसरी ओर, आयकर विभाग की ओर से पेश अधिवक्ता अखिलेश्वर शर्मा ने याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा। न्यायमूर्ति एसवी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति आरएन लड्ढा की खंडपीठ ने इसकी अनुमति दी और याचिका पर सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की।

अदालत ने इस दौरान यह भी किा कि कहा, "आयकर विभाग अगली तारीख तक याचिकाकर्ता (अंबानी) के खिलाफ कारण बताओ नोटिस के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा।"

अनिल अंबानी की ये कंपनी खरीदेंगे उनके समधी

कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani) की एक कंपनी को खरीदने के लिए उनके समधी आगे आए हैं। रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस (Reliance General Insurance) को खरीदने के लिए पीरामल ग्रुप (Piramal Group) और ज्यूरिख इंश्योरेंस (Zurich Insurance) साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर बनाने जा रहे हैं। पीरामल ग्रुप के चेयरमैन अजय पीरामल (Ajay Piramal) हैं। पीरामल के बेटे आनंद पीरामल से अनिल अंबानी के बड़े भाई मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की बेटी ईशा की शादी हुई है। बता दें कि इससे पहले पीरामल ने मुंबई में अनिल अंबानी के एक बंगले को बिकने से भी बचाया था।

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