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उपभोक्ताओं को राहत: सरकार ने खाद्य तेलों के लिए मानक पैकेजिंग आकार किए अनिवार्य, जानिए क्या बदलाव हुआ

Sat, 06 Jun 2026 06:05 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 06 Jun 2026 06:05 PM IST
सार

उपभोक्ता मामले विभाग ने खाद्य तेलों के लिए मानक पैकेजिंग आकार तय किए हैं। इससे उपभोक्ता विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की आसानी से तुलना कर पाएंगे और सही खरीदारी का निर्णय ले सकेंगे। यह कदम बाजार में व्याप्त भ्रम को दूर करेगा।

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Relief for Consumers: Government Mandates Standard Packaging Sizes for Edible Oils
खाद्य तेलों की पैकेजिंग से जुड़े नए नियम। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

उपभोक्ता मामले विभाग ने खाद्य तेलों के लिए मानक पैकेजिंग आकार निर्धारित किए हैं। यह कदम उपभोक्ताओं को विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की तुलना करने में मदद करेगा। इससे वे सोच-समझकर खरीदारी के निर्णय ले पाएंगे। विभाग ने लीगल मेट्रोलॉजी ढांचे के तहत यह प्रावधान किया है।

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विभाग ने खाद्य तेलों और वसा की शुद्ध मात्रा के लिए प्रक्रिया में संशोधन किया है। मानक पैक आकार निर्धारित करने के लिए भी बदलाव किए गए हैं। निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को तीन महीने का संक्रमण काल मिलेगा। उन्हें इस अवधि में नए नियमों का पालन करना होगा। यह निर्णय प्रमुख खाद्य तेल उद्योग संघों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। ये संघ देश के लगभग 90 फीसदी खाद्य तेल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता लाना है। पहले गैर-मानक पैकों के कारण उपभोक्ताओं को भ्रम होता था। अब वे आसानी से उत्पादों की तुलना कर पाएंगे।

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नए मानक और नियम

संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया में नौ मानक पैक आकार निर्धारित किए गए हैं। इनमें 200 मिलीलीटर/ग्राम, 500 मिलीलीटर/ग्राम, 1 लीटर/किलोग्राम, 2 लीटर/किलोग्राम, 3 लीटर/किलोग्राम, 4 लीटर/किलोग्राम, 5 लीटर/किलोग्राम, 15 लीटर/किलोग्राम और 20 लीटर/किलोग्राम शामिल हैं। ये आकार प्रमुख खाद्य तेलों जैसे पाम, सोयाबीन, सूरजमुखी, सरसों, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, बिनौला और मक्के के तेल पर लागू होंगे। मिश्रित खाद्य तेलों पर भी ये नियम प्रभावी होंगे। यदि मात्रा आयतन में दर्शाई जाती है, तो समतुल्य वजन भी बताना होगा। यह लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 के अनुसार होगा।

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घरेलू और आयातित तेलों पर प्रभाव

ये प्रावधान घरेलू स्तर पर निर्मित और आयातित दोनों तरह के खाद्य तेलों पर लागू होंगे। 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम के पैकेज को इस मानक पैक आकार की आवश्यकता से छूट दी गई है। छोटे खाद्य तेलों को भी इस नियम से बाहर रखा गया है। यह किफायती छोटे पैक की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। विभाग ने कहा कि जो कारोबार समय सीमा से पहले मानक पैक आकार अपनाना चाहते हैं, वे तुरंत ऐसा कर सकते हैं।

उद्योग की प्रतिक्रिया और बाजार पर असर

भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम खुदरा अलमारियों पर संरचनात्मक स्थिरता बहाल करेगा। इससे सभी को समान अवसर मिलेंगे। देसाई ने बताया कि गैर-मानकीकरण से उद्योग को स्वतंत्रता मिली थी। लेकिन तीन वर्षों से इस प्रथा ने बाजार पर प्रतिकूल असर डाला। इससे ऐसे पैकों की संख्या में वृद्धि हुई और बाजार में व्यापक भ्रम पैदा हो गया था। यह नया नियम उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी को सरल बनाएगा।

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