फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI Report: Share of digital payments to reach 99.7% by 2024, claims RBI report

RBI Report: 2024 में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी 99.7% रही, आरबीआई की रिपोर्ट में दावा

Thu, 23 Oct 2025 09:45 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नविता स्वरूप Updated Thu, 23 Oct 2025 09:45 PM IST
सार

RBI Report: रिजर्व बैंक की गुरुवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2024 के दौरान भुगतान प्रणाली में मात्रा के हिसाब से डिजिटल भुगतान लेनदेन 99.7 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 97.5 प्रतिशत रहा। यह प्रवृत्ति 2025 की पहली छमाही में भी जारी रही। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

विज्ञापन
RBI Report: Share of digital payments to reach 99.7% by 2024, claims RBI report
भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

रिजर्व बैंक की गुरुवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2024 के दौरान भुगतान प्रणाली में मात्रा के हिसाब से डिजिटल भुगतान लेनदेन 99.7 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 97.5 प्रतिशत रहा। यह प्रवृत्ति 2025 की पहली छमाही में भी जारी रही। आरबीआई की अर्धवार्षिक भुगतान प्रणाली रिपोर्ट जून 2025 में कहा गया है कि भारत में भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। भारत में भुगतान परिदृश्य में विभिन्न भुगतान प्रणालियां शामिल हैं। इन्हें यूजर्स की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। इनमें कागज-आधारित उपकरण (चेक) के साथ-साथ अन्य डिजिटल भुगतान प्रणालियां भी शामिल हैं।

विज्ञापन


डिजिटल भुगतान प्रणालियों में एनईएफटी, आईएमपीएस, आरटीजीएस, एनएसीएच, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, प्रीपेड भुगतान उपकरण और यूपीआई शामिल हैं। रिपोर्ट में कागज-आधारित उपकरणों को छोड़कर, सभी श्रेणियों में वृद्धि का रुझान भी दिखाया गया है। मूल्य के लिहाज से कुल लेनदेन में चेक का हिस्सा 2.3 प्रतिशत है। भुगतान लेनदेन की बात करें तो यह कैलेंडर वर्ष 2019 में 3,248 करोड़ से बढ़कर कैलेंडर वर्ष 2024 में 20,849 करोड़ हो गया, और मूल्य के संदर्भ में यह  1,775 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2,830 लाख करोड़ रुपये हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2025 को समाप्त छमाही में लेनदेन की मात्रा 12,549 करोड़ थी, जो 1,572 लाख करोड़ रुपये थी। भुगतान में लगभग सारी वृद्धि डिजिटल भुगतान लेनदेन के कारण हुई है।
विज्ञापन


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कैलेंडर वर्ष 2025 की पहली छमाही के लिए अपनी भुगतान प्रणाली रिपोर्ट  जारी की है। इसमें घरेलू डिजिटल लेनदेन में एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार  इस अवधि के दौरान कुल भुगतान में यूपीआई का योगदान 84.8 प्रतिशत रहा है, इसकी वजह से यह देश में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली डिजिटल भुगतान प्रणाली के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कुल भुगतान में यूपीआई भुगतान का  9.1 प्रतिशत रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं उच्च मूल्य के हस्तांतरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाले रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) प्रणाली का भुगतान केवल 0.1 प्रतिशत ही रहा है, लेकिन कुल भुगतान में इसकी हिस्सेदारी 68.7 प्रतिशत की है। रिपोर्ट के अनुसार 2025 की पहली छमाही के दौरान यूपीआई ने 143 करोड़ रुपये का लेनदेन उल्लेखनीय रूप से दर्ज किया है। यह 2024 की दूसरी छमाही में 130 करोड़ रुपये से अधिक है। यूपीआई के जरिए कुल लेनदेन का मूल्य 2025 की पहली छमाही में 10,637 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछली छमाही में यह 9,323.7 करोड़ रुपये था।  


आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों में भारत में डिजिटल भुगतान की मात्रा के संदर्भ में 6.6 गुना और मूल्य के संदर्भ में देखें तो 1.6 गुना बढ़ा है। वहीं, भारतीय भुगतान इकोसिस्टम की बात करें तो बैंकों और गैर-बैंकिंग संस्थाओं के जरिए दी जाने वाले अनेक भुगतान विकल्पों से युक्त है। मौजूदा समय में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड, यूपीआई, आईएमपीएस, एनईएफटी, आरटीजीएस जैसी तेज भुगतान प्रणालियां, डिजिटल और मोबाइल वॉलेट, नेट बैंकिंग आदि शामिल हैं, हमारे भुगतान सिस्टम में शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed