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KCC Lending: केसीसी कर्ज पर आरबीआई की पहल से किसानों को हो रही छह फीसदी की बचत, पढ़ें व्यापार की प्रमुख खबरें
Mon, 11 Sep 2023 06:21 AM IST
गुलाम अहमद
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Mon, 11 Sep 2023 06:21 AM IST
सार
17 अप्रैल को आरबीआई ने मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में प्रति ग्राहक 1.6 लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, डेयरी ऋण, बिना गारंटी के एमएसएमई ऋण, व्यक्तिगत ऋण और होम लोन जैसे शुद्ध खुदरा उत्पादों के लिए पायलट परियोजना शुरू की थी।
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व्यापार समाचार
- फोटो : Social Media
विस्तार
बाधारहित कर्ज देने की आरबीआई की पहल से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर कर्ज लेने वाले किसानों को 6 फीसदी की बचत हो रही है। वहीं, बैंकों को ग्राहक अधिग्रहण की लागत में 70 फीसदी कमी आई है। आरबीआई ने कहा, सार्वजनिक टेक प्लेटफॉर्म के लॉन्च से किसान और बैंक दोनों को मदद मिल रही है।
आरबीआई के कार्यकारी निदेशक अजय कुमार चौधरी ने कहा, अप्रैल में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तमिलनाडु और मध्यप्रदेश में शुरू किया गया था। 17 अगस्त से इसे चार और राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक व गुजरात (डेयरी किसानों के लिए) में शुरू किया गया। पायलट योजना की शुरुआत सभी केसीसी धारकों को डिजिटल कर्ज देने से की गई। चौधरी ने कहा, इस पहल से समय की भारी बचत हुई है। पहले एक किसान को बैंक में छह से आठ सप्ताह के चक्कर लगाने पड़ते थे। यह अब घटकर शून्य मिनट हो गया है।
1.6 लाख तक मिलता है कर्ज
17 अप्रैल को आरबीआई ने मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में प्रति ग्राहक 1.6 लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, डेयरी ऋण, बिना गारंटी के एमएसएमई ऋण, व्यक्तिगत ऋण और होम लोन जैसे शुद्ध खुदरा उत्पादों के लिए पायलट परियोजना शुरू की थी। इस प्लेटफॉर्म से केवल केवाईसी सत्यापन के बाद ही कर्ज मिल जाता है।
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सरकारी जनरल बीमा कंपनियों का हिस्सा घटा
सरकारी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों का प्रीमियम में हिस्सा पहली बार एक तिहाई से कम 32.5% रह गया है। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में बड़ी निजी गैर-जीवन बीमा कंपनियों की स्थिति मजबूत हो गई है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में सरकारी बीमा कंपनियों की प्रीमियम आय एक फीसदी की गिरावट के साथ 34,203 करोड़ रुपये रह गई है। इससे उनकी बाजार हिस्सेदारी 33.4 फीसदी से घटकर 32.5 फीसदी रह गई है। पिछले साल की समान अवधि में उनकी प्रीमियम आय 37,100 करोड़ थी। हेल्थ में एकल स्वास्थ्य बीमा कंपनियों का हिस्सा एक साल पहले के 9.2% से बढ़कर 10.4% पहुंच गया। एजेंसी
पांच महीने में प्रीमियम बढ़कर 1.14 लाख करोड़
काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, गैर-जीवन बीमा क्षेत्र का प्रीमियम पहले पांच महीनों में 11.7 फीसदी वृद्धि के साथ 1.14 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में समान अवधि में 1.02 लाख करोड़ रुपये था। देश में 26 साधारण बीमा कंपनियां हैं। इनमें से 6 सरकारी हैं। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया व एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन जैसी विशेष कंपनियां हैं।
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आरबीआई के कार्यकारी निदेशक अजय कुमार चौधरी ने कहा, अप्रैल में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तमिलनाडु और मध्यप्रदेश में शुरू किया गया था। 17 अगस्त से इसे चार और राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक व गुजरात (डेयरी किसानों के लिए) में शुरू किया गया। पायलट योजना की शुरुआत सभी केसीसी धारकों को डिजिटल कर्ज देने से की गई। चौधरी ने कहा, इस पहल से समय की भारी बचत हुई है। पहले एक किसान को बैंक में छह से आठ सप्ताह के चक्कर लगाने पड़ते थे। यह अब घटकर शून्य मिनट हो गया है।
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1.6 लाख तक मिलता है कर्ज
17 अप्रैल को आरबीआई ने मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में प्रति ग्राहक 1.6 लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, डेयरी ऋण, बिना गारंटी के एमएसएमई ऋण, व्यक्तिगत ऋण और होम लोन जैसे शुद्ध खुदरा उत्पादों के लिए पायलट परियोजना शुरू की थी। इस प्लेटफॉर्म से केवल केवाईसी सत्यापन के बाद ही कर्ज मिल जाता है।
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सरकारी जनरल बीमा कंपनियों का हिस्सा घटा
सरकारी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों का प्रीमियम में हिस्सा पहली बार एक तिहाई से कम 32.5% रह गया है। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में बड़ी निजी गैर-जीवन बीमा कंपनियों की स्थिति मजबूत हो गई है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में सरकारी बीमा कंपनियों की प्रीमियम आय एक फीसदी की गिरावट के साथ 34,203 करोड़ रुपये रह गई है। इससे उनकी बाजार हिस्सेदारी 33.4 फीसदी से घटकर 32.5 फीसदी रह गई है। पिछले साल की समान अवधि में उनकी प्रीमियम आय 37,100 करोड़ थी। हेल्थ में एकल स्वास्थ्य बीमा कंपनियों का हिस्सा एक साल पहले के 9.2% से बढ़कर 10.4% पहुंच गया। एजेंसी
पांच महीने में प्रीमियम बढ़कर 1.14 लाख करोड़
काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, गैर-जीवन बीमा क्षेत्र का प्रीमियम पहले पांच महीनों में 11.7 फीसदी वृद्धि के साथ 1.14 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में समान अवधि में 1.02 लाख करोड़ रुपये था। देश में 26 साधारण बीमा कंपनियां हैं। इनमें से 6 सरकारी हैं। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया व एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन जैसी विशेष कंपनियां हैं।