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आपका स्टेशन आने से पहले अटेंडेंट वापस ले जाएगा कंबल-तकिया

Tue, 15 Jan 2019 05:59 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Tue, 15 Jan 2019 05:59 PM IST
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railway coach attendent will take your blanket 30 minutes befor arrival

रेलवे के एसी क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों पर अब नकेल कसनी शुरू कर दी गई है। आईआरसीटीसी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि एसी क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को उनके गंतव्य स्टेशन आने के आधा घंटा पहले कंबल, तकिया, तौलिया व चादर को वापस करना पड़ेगा। 

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इस वजह से लिया निर्णय

रेलवे ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि यात्रा अपने साथ में इनको साथ में लेकर चल देते थे। इससे रेलवे को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा था। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि आधा घंटा पहले यात्रियों से कंबल, तकिया, तौलिया लेने से उनको बहुत कम नुकसान होगा।

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रेलवे केवल गरीब रथ को छोड़कर के सभी मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी कोच में यात्रियों को मुफ्त में कंबल, तकिया, चादर व तौलिया उपलब्ध कराता है। गरीब रथ में सफर करने वाले यात्रियों से 30 रुपये किराये के तौर पर लिए जाते हैं। 

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4 हजार करोड़ का नुकसान

पिछले साल ट्रेनों में मिलने वाले 1.95 लाख तौलिये यात्री अपने साथ ले गए। यही नहीं, 81 हजार 736 चादरें, 55 हजार 573 तकिया के खोल, 5 हजार 38 तकिया और 7 हजार 43 कंबल भी चोरी हो चुके हैं। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों द्वारा की जा रही चोरियों की वजह से पिछले तीन सालों में रेलवे को 4 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

 
पश्चिम रेलवे के मुताबिक मंत्रालय रेलवे में हो रही चोरियों से लगातार जूझ रहा है। यह पहली बार नहीं है कि लोग राष्ट्रीय संपत्ति को अपनी संपत्ति मानकर उठा ले गए हों। रेलवे हर साल यात्रियों द्वारा की जा रही चोरी से परेशान है।

रेल से हर साल करीब 200 मग, एक हजार नल की टोटियां और 300 से ज्यादा फ्लश पाइप चोरी होते हैं। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बताते हैं कि पिछले छह महीने में 79 हजार 350 तौलिये, 27 हजार 545 चादरें, 21 हजार 50 तकिया के कवर, दो हजार 150 तकिया और दो हजार 65 कंबल चुराए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 62 लाख रुपए है।

railway coach attendent will take your blanket 30 minutes befor arrival

कोच अटेंडेंट करता है भरपाई

चादर और दूसरी ऐसी चीजों की चोरी की भरपाई कोच अटेंडेंट को करनी पड़ती है जबकि बाथरूम के सामान की भरपाई रेलवे करता है। यह देखना कोच अटेंडेंट की जिम्मेदारी होती है कि हर यात्री ने रेलवे की ओर से दिया गया सारा सामान वापस कर दिया हो, इसके लिए वह मुस्तैद भी रहता है लेकिन वह यात्रियों की तलाशी नहीं ले सकता।

शुरू की यह स्कीम

लगातार चोरी से परेशान रेलवे अब ट्रायल के तौर पर यात्रियों को डिस्पोजेबल तौलिया और तकिया का खोल दे रहा है। रेलवे को डिस्पोजेबल बेडशीट की कीमत 132, तौलिया की 22 और तकिया की 25 रुपये पड़ती है।

 रेलवे यात्रियों द्वारा की जा रही चोरियों से निपटने के लिए सस्ते विकल्पों से बदलने की योजना पर भी काम कर रहा है। यही नहीं पश्चिम रेलवे के अधिकारी का कहना है कि फिलहाल कुछ ट्रेनों में ट्रायल के तौर पर डिस्पोजेबल तौलिया और तकिया के खोल दिए जा रहे हैं।

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