Pak Court News: पाक कोर्ट ने पीएम शहबाज शरीफ और बेटों को तलब किया, 16 अरब रुपये की गड़बड़ी का है मामला
पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने 70 वर्ष के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके दो बेटों 47 वर्षीय हमजा और 40 वर्षीय सुलेमान के विरूद्ध भ्रष्टाचार व धनशोधन रोकथाम कानून की धाराओं के तहत नवंबर 2020 में मामला दर्ज किया था।
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Pak Court News: पड़ोसी देश पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं लेते हैं। एक के बाद एक कुछ ऐसी खबरें आती रहती हैं जिससे वहां के सत्ताधीशों की कुर्सी डिगने का आभास होने लगता है। पाकिस्तान से एक बार फिर एक ऐसी ही खबर आ रही है। दरअसल, पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने शनिवार को 16 अरब रूपये के धनशोधन मामले में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा शहबाज पर आरोप तय करने के लिए उन्हें सात सितंबर को तलब किया है।
आपको बता दें कि पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने 70 वर्ष के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके दो बेटों 47 वर्षीय हमजा और 40 वर्षीय सुलेमान के विरूद्ध भ्रष्टाचार व धनशोधन रोकथाम कानून की धाराओं के तहत नवंबर 2020 में मामला दर्ज किया था।
लाहौर की एक विशेष अदालत में इस मामले पर सुनवाई चल रही है और अदालत इस मामले में शहबाज शरीफ और उनके दोनों बेटों को गिरफ्तारी पूर्व जमानत दे चुकी है।
इस मामले में सुनवाई के दौरान शनिवार को शहबाज और हमजा गैरहाजिर थे। उनके वकीलों ने एक महीने की छूट देने का अनुरोध किया। शहबाज के वकील अमजद परवेज ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल की तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें यात्रा नहीं करने की सलाह दी गयी है। इस दौरान, हमजा के वकील राव औरंगजेब ने कहा कि उनके मुवक्किल को गंभीर पीठदर्द है और उन्हें आराम की जरूरत है। दूसरी ओर, एफआईए के वकील फारूक बाजवा ने भी आरोपितों को छूट देने पर आपत्ति नहीं जतायी।
उसके बाद अदालत ने आरोपितों के वकील की ओर से दायर याचिका को स्वीकार कर लिया है। इस दौरान बाजवा ने अदालत से कहा कि एजेंसी ने प्रधानमंत्री के दूसरे बेटे सुलेमा के 19 बैंक खातों का रिकार्ड प्राप्त कर लिया है जबकि अन्य सात के रिकार्ड प्राप्त किये जाने हैं।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सात सितंबर तक के लिए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। सात सितंबर को अदालत ने शहबाज और हमजा को आरोप निर्धारण के सिलसिले में तलब भी किया है।
आपको बता दें कि अदालत को सौंपी गयी एफआईए की रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी ने शहबाज परिवार के 28 बेनामी खातों का पता लगाया है जिसका इस्तेमाल वर्ष 2008 से वर्ष 2018 के बीच 16.3 अरब रूपये के धनशोधन के लिए किया गया।