अप्रवासी भारतीय बनाएंगे कश्मीर में 100 नए होटल, महाराष्ट्र सरकार खोलेगी दो रिसॉर्ट
अमेरिका, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस और कुछ अन्य देशों में रहने वाले भारतवंशी कश्मीर में 100 नए होटल बनाएंगे। पंच तारांकित इन होटलों को वेलनेस सेंटर की तरह विकसित किया जाएगा ताकि दुनिया भर के लोग कश्मीर के शुद्घ हवा-पानी का आनंद उठाने वहां पहुंच सकें। इन होटलों के निर्माण में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसकी घोषणा अनिवासी भारतीय कारोबारी और ओसीआई इंवेस्टर फोरम के अध्यक्ष बी के मोदी ने की है।
उन्होंने मंगलवार को यहां बताया कि कश्मीर घाटी में दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यह फैसला किया गया है। कश्मीर ही क्यों, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि कश्मीर की आवो-हवा जन्नत की तरह है। वहां पर्यटक आना चाहते हैं, लेकिन वहां पर्याप्त फाइव स्टार होटल नहीं हैं। इसलिए उन्होंने अमेरिका में फाइव और फोर स्टार होटल चलाने वाले भारतवंशियों को यहां निवेश को प्रेरित किया।
उनका कहना है कि एक होटल के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन निवेशकों को अमेरिका या अन्य देशों में निवेश पर दो-ढाई फीसदी का रिटर्न मिलता है जबकि भारत में 10 से 20 फीसदी का रिटर्न मिलेगा।
जब उनसे यह पूछा गया कि धारा 370 रद्द होने के बाद यह फैसला किया गया, तो उन्होने बताया कि यह रद्द होना बेहतर संकेत है। लेकिन उनकी बातचीत तो बीते जून में ही शुरू हो गई थी, जबकि धारा 370 तो अगस्त में हटा है।
कश्मीर में दो रिसॉर्ट खोलेगी महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां अपने दो रिसॉर्ट खोलने का फैसला किया है। सरकार महाराष्ट्र के लोगों को वहां जाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में रिसॉर्ट खोलने का निर्णय लेने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य है।
मंगलवार को राज्य के पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल ने बताया कि महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (एमटीडीसी) ने जम्मू-कश्मीर में दो रिसॉर्ट खोलने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, जिसे मंजूर करते हुए सरकार ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को भेजने का निर्णय लिया है। एक रिसॉर्ट पहलगाम में बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट के लिए जमीन खरीदने की बातचीत शुरू हो चुकी है। रिसॉर्ट बनाने के लिए राज्य सरकार दो करोड़ रुपये खर्च करेगी।