किसानों की कर्ज माफी नहीं सही कदम, नगद ट्रांसफर बेहतरः गीता गोपीनाथ
अंतरराष्ट्र्रीय मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा है कि भारत में किसानों की कर्ज माफी करना राज्य सरकारों का एक सही कदम नहीं है। इसके मुकाबले उनके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करना बेहतर है।
दावोस में हो रहे विश्व आर्थिक मंच की गोष्ठी में शामिल होने आई गीता ने इकोनॉमिक टाइम्स से बात करते हुए कहा कि कर्ज माफी से किसानों की समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं होगी।
पैदावार बढ़ाने के लिए सरकार उठाए कदम
गीता ने कहा कि किसानों की समस्या को सुलझाने के लिए सरकार को उनके साथ मिलकर काम करना चाहिए। इसके साथ ही पैदावार बढ़ाने के लिए उनको बेहतर बीज व तकनीक उपलब्ध करानी चाहिए।
लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को खुश करने के लिए कई राज्य सरकारों ने कर्ज माफ करने की घोषणा की है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और भाजपा ने गुजरात व आसम में किसानों के लिए कर्ज माफी का एलान किया था। कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि वो प्रधानमंत्री मोदी को चैन से सोने नहीं देंगे, जब तक पूरे भारत में किसानों की कर्ज माफी नहीं होगी।
पीएम सहित इन्होंने किया था विरोध
किसानों के लिए कर्ज माफी का पीएम नरेंद्र मोदी सहित भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भी विरोध किया था। राजन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि वो सभी राजनीतिक दल को अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसको देने पर रोक लगाएं।
नौकरियों को बढ़ाना भी चुनौती
गीता गोपीनाथ ने कहा है कि 2019 में एनडीए सरकार के लिए कृषि सेक्टर के अलावा नौकरियां देना भी बड़ी चुनौती बनेगा। हालांकि इसके बावजूद भी अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन करेगी। आईएमएफ ने सोमवार को भारत की जीडीपी 2019 व 2020 में क्रमशः 7.5 फीसदी और 7.7 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि इन दो सालों में चीन की जीडीपी 6.2 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।