मर्जर के बाद 10 में से बचेंगे चार बड़े बैंक, जानिए किन-किन बैंकों का हुआ विलय
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सुस्त अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को कई बड़े एलान किए हैं। इनमें सरकारी बैंकों के मुनाफे की स्थिति, लोन रिकवरी का स्तर और नीरव मोदी जैसे बड़े घोटाले रोकने पर किए जा रहे कार्यों के बारे में उल्लेख किया है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक और यूनाइटेड बैंक का विलय होगा। 18 में से छह सरकारी बैंकों का विलय कर दिया गया है। अब विलय के बाद केवल 12 सरकारी बैंक बचेंगे। वहीं देश में पहले 10 बड़े सरकारी बैंक थे, जिनकी शाखाएं विदेशों में भी थी।
अब ऐसे बैंकों की संख्या घटकर चार रह जाएगी। इनका कुल कारोबार 55.81 लाख करोड़ रुपये का होगा। वित्त मंत्री ने कहा- पिछले साल तीन बैंकों के विलय से फायदा हुआ, रिटेल लोन ग्रोथ में 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 50 साल पहले जुलाई 1969 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था।
Finance Minister Nirmala Sitharaman: Union Bank of India, with Andhra Bank and Corporation Bank shall become the fifth largest public sector bank now. pic.twitter.com/KGZZuaCuEi
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 30, 2019
भारत सरकार ने कई बैंकों के विलय का एलान कर दिया है। इस खबर के बाद सरकारी बैंकों के शेयरों में गिरावट आई। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को 10 बैंकों के प्रमुखों को बुलाया था। इनमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इलाहाबाद बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, सिंडिकेट बैंक और आंध्रा बैंक शामिल हैं। पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक और केनरा बैंक में बाकी सरकारी बैंकों का विलय करने की घोषणा कर दी गई है।
कैसे होगी रैंकिंग
विलय के बाद इन बैंकों का कुल कारोबार 55.81 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। बैंकों के विलय के बाद इनकी रैंकिंग में भी इजाफा हो जाएगा। आपको बताते हैं कि बैंकों के विलय के बाद इनका नया नाम क्या होगा और क्या इनकी देश में रैंकिंग हो जाएगी।| इन बैंकों का होगा विलय | नया नाम | कुल कारोबार (विलय के बाद) | रैंकिंग |
| पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया | पीएनबी | 17.94 लाख करोड़ रुपये | दूसरा सबसे बड़ा बैंक |
| केनरा, सिंडिकेट बैंक | केनरा | 15.20 लाख करोड़ रुपये | चौथा बड़ा बैंक |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक | यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 14.59 लाख करोड़ रुपये | पांचवा सबसे बड़ा बैंक |
| इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक | इलाहाबाद बैंक | 8.08 लाख करोड़ रुपये | सातवां सबसे बड़ा बैंक |
Finance Minister Nirmala Sitharaman: We shall continue with 2 banks which will have national presence - Bank of India with Rs 9.3 Lakh Crores of business size and Central Bank with Rs 4.68 Lakh Crores of business size. pic.twitter.com/J7lWuujMag
— ANI (@ANI) August 30, 2019
वित्तमंत्री की बड़ी घोषणाएंः
- वित्त मंत्री ने कहा कि बैकों ने उपभोक्ताओं के हित में घोषणाएं की हैं।
- पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था पर काम जारी है।
- तीन लाख फर्जी कंपनियां बंद कर दी गई हैं।
- बैंकों में कई बड़े सुधार किए गए हैं।
- बैंक अच्छे प्रबंधन के साथ काम करेंगे।
- 250 करोड़ से ज्यादा के कर्ज पर निगाह रखेंगे।
- बड़े कर्ज पर निगरानी के लिए एजेंसी बनेगी।
- भगोड़ों की संपत्ति पर कार्रवाई जारी रहेगी।
- कम वक्त में ज्यादा लोन की स्कीम जारी।
- नीरव मोदी जैसे मामले रोकने के लिए सतर्कता।
- अभी तक आठ सरकारी बैंकों ने रेपो रेट पर आधारित ब्याज दर की शुरुआत की है।
- मुश्किल हालात में चार एनबीएफसी को सरकारी बैंकों से मदद मिली है।
- बैंकों के एनपीए में कमी आई है।
- एनपीए घटकर 7.90 लाख करोड़ रुपये हुआ है।
- 18 में से 14 सरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा है।
- बैंकों में कर्मचारियों की छंटनी नहीं की गई है।
- लोन रिकवरी रिकॉर्ड स्तर पर है।
- रिटेल लोन में हुई बढ़ोतरी
- पंजाब नेशनल बैंक में होगा दो बैंकों, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय।
- केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का होगा विलय
- इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक का होगा विलय।
- यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का होगा विलय।
- सरकारी बैंकों की संख्या 18 से घटकर 12 हुई।