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MPC Minutes: 'मौजूदा हालात में मौद्रिक नीति में ढील देने का औचित्य भ्रामक', एमपीसी की बैठक में बोले गवर्नर दास
Thu, 22 Aug 2024 07:36 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 22 Aug 2024 07:36 PM IST
सार
MPC Minutes: आठ अगस्त को, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार नौवीं बार बेंचमार्क ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने की घोषणा की थी। केंद्रीय बैंक की ओर से कहा गया था कि वह लगातार उच्च खाद्य मुद्रास्फीति की स्थिति देखने का जोखिम नहीं उठा सकता है और इसे बढ़ने से रोकने के लिए सतर्क रहना होगा।
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शक्तिकांत दास
- फोटो : RBI
विस्तार
6.5 प्रतिशत की मौजूदा नीतिगत दर (रेपो रेट) मोटे तौर पर संतुलित है, और मौजूदा हालात में नीतिगत दरों में ढिलाई का कोई भी कदम भ्रामक हो सकता है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी की बैठक के दौरान रेपो दर को अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान करने के दौरान ये बातें कही। बैठक के दौरान मौद्रिक नीति समिति के दो सदस्यों ने दर कटौती की वकालत की। नीति दर पर फैसला करने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 6 से 8 अगस्त तक हुई थी।
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आठ अगस्त को, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार नौवीं बार बेंचमार्क ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने की घोषणा की थी। केंद्रीय बैंक की ओर से कहा गया था कि वह लगातार उच्च खाद्य मुद्रास्फीति की स्थिति देखने का जोखिम नहीं उठा सकता है और इसे बढ़ने से रोकने के लिए सतर्क रहना होगा।
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आरबीआई की ओर से गुरुवार को जारी अंतिम मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के मिनट्स के अनुसार, मई 2022 से नीति रेपो दर में 250 आधार अंकों की कैलिब्रेटेड वृद्धि हुई है और दरों के समायोजन को वापस लेने के रुख में बदलाव ने 2022-23 की तुलना में महंगाई को नीचे लाने में मदद की है।
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एमपीसी की मिनट्स में दास के हवाले से कहा गया है, "2024-25 के लिए 4.5 प्रतिशत हेडलाइन मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए, वर्तमान रेपो रेट मोटे तौर पर संतुलन में है और घरेलू आर्थिक गतिविधि को जारी रखे हुए है।"
उन्होंने कहा कि जब हम महंगाई को नीचे लाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं तो ऐसे में नीतिगत दरों को बढ़ाने या घटाने के किसी फैसले का औचित्य भ्रामक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन गति धीमी और असमान है। मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत के लक्ष्य नीचे लाना अभी बाकी है।
एमपीसी की बैठक के दौरान आशिमा गोयल और जयंत आर वर्मा रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती के पक्ष में थे। जबकि एमपीसी के तीसरे बाहरी सदस्य शशांक भिड़े ने अन्य तीन सदस्यों (सभी आरबीआई अधिकारी) - दास, राजीव रंजन और माइकल देबब्रत पात्रा के साथ रेपो रेट को मौजूदा दर 6.5% पर बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया।