{"_id":"6727fbd8f0ad428f250343d3","slug":"investment-savings-be-alert-to-avoid-financial-fraud-use-minimum-number-of-mobile-apps-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"निवेश-बचत: वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए रहें सतर्क, कम-से-कम एप का करें इस्तेमाल","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
निवेश-बचत: वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए रहें सतर्क, कम-से-कम एप का करें इस्तेमाल
सार
आजकल बुजुर्गों के साथ कई तरह से धोखाधड़ी के बहुतेरे मामले सामने आ रहे हैं। आश्चर्यजनक यह है कि बुजुर्ग इस तरह के झांसे में तेजी से फंस भी रहे हैं। ऐसे में किसी कॉल या मैसेज का जवाब देने से पहले उसकी सत्यता को परखना जरूरी है। साथ ही, कोई भी भुगतान करने से पहले उसकी भी जांच करें।
विज्ञापन
Cyber Fraud
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
धोखेबाज कमजोर और बुजुर्गों को निशाना बनाने के लिए सभी प्रकार के नेटवर्क व खामियों का उपयोग कर रहे हैं। मेरे अंकल को हाल में किसी व्यक्ति का फोन आया। कॉलर आईडी में वह पुलिस की वर्दी में था। उसने कहा, जिस फ्लैट को उन्होंने बेचा था, उसका किरायेदार उसे अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहा था। अंकल डर गए और पूछने लगे कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वह क्या कर सकते हैं। इंस्पेक्टर की वर्दी वाले व्यक्ति ने कहा, अगर वह तुरंत 10 लाख रुपये दे दें तो कोई मामला दर्ज नहीं होगा। अंकल ने यह रकम एक अज्ञात खाते में ट्रांसफर कर दी। वह खुश थे कि पैसा देकर कानूनी मामले में फंसने से बच गए। अंकल को जब यह कॉल आया तो उन्होंने दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति पर भरोसा किया कि वह एक सही पुलिस अधिकारी है, जो उन्हें बचाना चाहता था।
कम-से-कम एप का करें इस्तेमाल
मैंने अंकल से पूछा कि क्या उन्हें धोखाधड़ी के बारे में कोई नोटिस मिला था? क्या उन्होंने उस पुलिस अधिकारी की आईडी की जांच की थी। दिलचस्प यह है कि अधिकारी ने स्काइप पर उनसे संपर्क किया और वह आईडी अब मौजूद नहीं है। अंकल के फोन पर जांच करने पर पता चला कि उनके पास बैंकों, सोशल मीडिया और डिलीवरी सेवाओं सहित विभिन्न सेवाओं के 120 से अधिक एप थे। उन्होंने अपने बारे में इन एप पर इतनी अधिक जानकारी दे दी थी कि उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि वे किस तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
तकनीक से ठगी को अंजाम देना आसान
वरिष्ठ नागरिकों से धोखाधड़ी बढ़ रही है। तकनीक के कारण इसे अंजाम देना आसान हो गया है। साइबर अपराधी ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते हैं जो यूजर्स के नाम से मेल खाते हैं। इसलिए, जब कोई असुरक्षित वेबपेज पर जाता है, तो यह डाटा और जानकारी कई लोगों के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होती है जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है। हालांकि मजबूत पासवर्ड का उपयोग महत्वपूर्ण है। यह जानना भी जरूरी है कि हर स्रोत सुरक्षित नहीं है। लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे यह न सोचें कि डिजिटल मीडिया पर सब कुछ सच है।
विज्ञापन
दोस्तों व परिवार के सदस्यों से करें बात
धोखाधड़ी से बचने के तरीके को बेहतर ढंग से समझने के लिए दोस्तों और परिवार के सदस्यों से बातचीत करें। बैंक और जांच एजेंसियों के अधिकारी कभी भी संवाद करने के लिए अपने निजी फोन, संदेश और मेल का उपयोग नहीं करते हैं। जब यह निश्चित न हो कि क्या मांगा जा रहा है, तो किसी व्यक्ति को आंख मूंदकर आगे बढ़ने और शिकार बनने की बजाय किसी ऐसे व्यक्ति से मदद लेनी चाहिए जिस पर वह भरोसा करता हो। वरिष्ठ नागरिकों को फाइनेंस पर नजर रखने के साथ ऑनलाइन और टेलीफोन बैंकिंग के लिए सीमित रूप से साइन अप करना चाहिए। उन्हें सहायता मांगने और उन्हें प्राप्त होने वाली किसी भी अजीब गतिविधियों, कॉल और संदेशों की रिपोर्ट करनी चाहिए।
ठग आपकी सोच से बहुत आगे
आपके माता-पिता या दादा-दादी शायद यह न सोचें कि वे कभी वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार होंगे, लेकिन ठग आपकी सोच से बहुत ज्यादा आगे हैं। वे आयकर, पुलिस या बैंक अधिकारी होने का झांसा देकर कॉल, टेक्स्ट और ईमेल करेंगे।
धोखाधड़ी किसी भी उम्र में हो सकती है। दूसरों को इससे बचाने के लिए ऐसी घटनाओं की पहचान कर इनकी रिपोर्ट करना महत्वपूर्ण है। ठग उभरती तकनीक का लाभ उठाकर ठगी के नए-नए तरीके ईजाद करते रहेंगे। आप साइबर ठगी के बारे में जितना अधिक जानेंगे, आपके फंसने की आशंका उतनी ही कम होगी
विज्ञापन
कम-से-कम एप का करें इस्तेमाल
मैंने अंकल से पूछा कि क्या उन्हें धोखाधड़ी के बारे में कोई नोटिस मिला था? क्या उन्होंने उस पुलिस अधिकारी की आईडी की जांच की थी। दिलचस्प यह है कि अधिकारी ने स्काइप पर उनसे संपर्क किया और वह आईडी अब मौजूद नहीं है। अंकल के फोन पर जांच करने पर पता चला कि उनके पास बैंकों, सोशल मीडिया और डिलीवरी सेवाओं सहित विभिन्न सेवाओं के 120 से अधिक एप थे। उन्होंने अपने बारे में इन एप पर इतनी अधिक जानकारी दे दी थी कि उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि वे किस तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
विज्ञापन
तकनीक से ठगी को अंजाम देना आसान
वरिष्ठ नागरिकों से धोखाधड़ी बढ़ रही है। तकनीक के कारण इसे अंजाम देना आसान हो गया है। साइबर अपराधी ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते हैं जो यूजर्स के नाम से मेल खाते हैं। इसलिए, जब कोई असुरक्षित वेबपेज पर जाता है, तो यह डाटा और जानकारी कई लोगों के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होती है जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है। हालांकि मजबूत पासवर्ड का उपयोग महत्वपूर्ण है। यह जानना भी जरूरी है कि हर स्रोत सुरक्षित नहीं है। लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे यह न सोचें कि डिजिटल मीडिया पर सब कुछ सच है।
विज्ञापन
दोस्तों व परिवार के सदस्यों से करें बात
धोखाधड़ी से बचने के तरीके को बेहतर ढंग से समझने के लिए दोस्तों और परिवार के सदस्यों से बातचीत करें। बैंक और जांच एजेंसियों के अधिकारी कभी भी संवाद करने के लिए अपने निजी फोन, संदेश और मेल का उपयोग नहीं करते हैं। जब यह निश्चित न हो कि क्या मांगा जा रहा है, तो किसी व्यक्ति को आंख मूंदकर आगे बढ़ने और शिकार बनने की बजाय किसी ऐसे व्यक्ति से मदद लेनी चाहिए जिस पर वह भरोसा करता हो। वरिष्ठ नागरिकों को फाइनेंस पर नजर रखने के साथ ऑनलाइन और टेलीफोन बैंकिंग के लिए सीमित रूप से साइन अप करना चाहिए। उन्हें सहायता मांगने और उन्हें प्राप्त होने वाली किसी भी अजीब गतिविधियों, कॉल और संदेशों की रिपोर्ट करनी चाहिए।
ठग आपकी सोच से बहुत आगे
आपके माता-पिता या दादा-दादी शायद यह न सोचें कि वे कभी वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार होंगे, लेकिन ठग आपकी सोच से बहुत ज्यादा आगे हैं। वे आयकर, पुलिस या बैंक अधिकारी होने का झांसा देकर कॉल, टेक्स्ट और ईमेल करेंगे।
- कुछ लोग जुर्माने या फिरौती का भुगतान ऐसे खाते में मांग सकते हैं जो वास्तविक लग सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। ऐसे कॉल को खतरे की घंटी माननी चाहिए, क्योंकि ये अक्सर धमकी वाले होते हैं।
- कभी-कभी, घोटालेबाज खुद को पोते-पोतियों या परिवार के सदस्यों के रूप में भी प्रस्तुत करते हैं जो मुसीबत में हैं और उन्हें नकदी की जरूरत है।
धोखाधड़ी किसी भी उम्र में हो सकती है। दूसरों को इससे बचाने के लिए ऐसी घटनाओं की पहचान कर इनकी रिपोर्ट करना महत्वपूर्ण है। ठग उभरती तकनीक का लाभ उठाकर ठगी के नए-नए तरीके ईजाद करते रहेंगे। आप साइबर ठगी के बारे में जितना अधिक जानेंगे, आपके फंसने की आशंका उतनी ही कम होगी