{"_id":"678dfabcfdf29014e2074bc8","slug":"india-slips-to-3rd-place-on-trust-barometer-low-income-group-less-trusting-than-richer-counterparts-2025-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Davos: भरोसे में भारत तीसरे स्थान पर खिसका, निम्न आय वर्ग के धनी समकक्ष देशों की तुलना में विश्वास हुआ कम","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Davos: भरोसे में भारत तीसरे स्थान पर खिसका, निम्न आय वर्ग के धनी समकक्ष देशों की तुलना में विश्वास हुआ कम
Mon, 20 Jan 2025 12:56 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:56 PM IST
सार
Davos: विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक से पहले जारी किए गए वार्षिक एडेलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर (जो अब अपने 25वें वर्ष में है) से पता चला है कि जब दुनिया के लोगों का भारतीय मुख्यालय वाली कंपनियों पर विश्वास की बात आती है तो भारत इस मामले में 13वें स्थान पर है। रिपोर्ट में और क्या है, आइए जानें।
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था।
- फोटो : amarujala
विस्तार
सरकार, कारोबार, मीडिया और गैर सरकारी संगठनों में लोगों के भरोसे के मामले में भारत एक स्थान नीचे खिसक कर तीसरे स्थान पर आ गया है, जबकि निम्न आय वर्ग की आबादी वाले अपने धनी समकक्ष देशों की तुलना में भारत पर कम भरोसा जारी है। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक से पहले सोमवार को दावोस में जारी एक अध्ययन में यह बात कही गई।
विज्ञापन
विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक से पहले जारी किए गए वार्षिक एडेलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर (जो अब अपने 25वें वर्ष में है) से भी पता चला है कि जब दुनिया के लोगों का भारतीय मुख्यालय वाली कंपनियों पर विश्वास की बात आती है तो भारत इस मामले में 13वें स्थान पर है।
विज्ञापन
विदेशी मुख्यालय वाली कम्पनियों की इस सूची में कनाडा शीर्ष पर है, उसके बाद जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका का स्थान है, जबकि भारत ऊपर रहने वाली वाली कम्पनियों में मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, चीन और ब्राजील का भी नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
सरकार, व्यवसाय, मीडिया और गैर सरकारी संगठनों में आम जनता के विश्वास की समग्र सूची में चीन फिर से शीर्ष पर रहा, जबकि इंडोनेशिया ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया, हालांकि भारत का स्कोर अपरिवर्तित रहा। 28 देशों के सर्वेक्षण में जापान ब्रिटेन के स्थान पर सबसे निचले स्थान पर आ गया। भारत सहित अधिकांश देशों में, निम्न आय वर्ग की जनसंख्या उच्च आय वर्ग की तुलना में कहीं कम भरोसेमंद थी।
उच्च आय वर्ग में भारत को इंडोनेशिया, सऊदी अरब और चीन के बाद चौथा स्थान मिला, जबकि निम्न आय वर्ग में भारत चीन और इंडोनेशिया के बाद तीसरा सबसे विश्वसनीय देश बना। हालांकि, भारतीय संस्थाओं में विश्वास रखने वाले निम्न आय वर्ग के लोगों का प्रतिशत 65 प्रतिशत है, जबकि उच्च आय वर्ग के लोगों में यह प्रतिशत 80 है।
वैश्विक स्तर पर, सर्वेक्षण में कुछ परेशान करने वाली प्रवृत्तियां भी सामने आईं, जहां हिंसा और गलत सूचना के प्रसार को अब परिवर्तन के वैध उपकरण के रूप में देखा जा रहा है। सर्वेक्षण से पता चला कि अधिकांश देशों में चुनावों या सरकारों के परिवर्तन का बहुत कम प्रभाव पड़ता है।
वैश्विक संचार फर्म एडेलमैन, जिसने 28 देशों के 33,000 से अधिक उत्तरदाताओं का सर्वेक्षण किया, ने कहा कि बैरोमीटर से पता चला है कि आर्थिक भय शिकायत में बदल गई है, और 10 में से 6 उत्तरदाताओं ने शिकायत की भावना के मध्यम से उच्च होने की बात स्वीकारी है।
भेदभाव का सामना करने का डर 10 अंक बढ़कर 63 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जो सभी लिंगों, आयु और आय स्तरों में फैला हुआ है। बैरोमीटर ने दिखाया कि सबसे बड़ी उछाल (14 अंक) अमेरिका में गोरों के बीच देखी गई। एडेलमैन के सीईओ रिचर्ड एडेलमैन ने कहा, "पिछले दशक में समाज भय से ध्रुवीकरण और फिर शिकायतों की ओर बढ़ गया है।"
सर्वेक्षण में संस्थागत नेताओं में विश्वास की वैश्विक अभूतपूर्व कमी को भी रेखांकित किया गया है - औसतन 69 प्रतिशत उत्तरदाताओं को चिंता है कि सरकारी अधिकारी, व्यापारिक नेता और पत्रकार जानबूझकर उन्हें गुमराह करते हैं। 2021 के बाद से यह औसत संख्या 11 अंक बढ़ी है।
विश्वसनीय सूचना के बारे में भी लोगों के बीच भ्रम की स्थिति है। 63 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह बताना कठिन होता जा रहा है कि समाचार किसी सम्मानित स्रोत की ओर से तैयार किया गया है या धोखे से तैयार किया गया है।
चिंताजनक बात यह है कि 10 में से चार उत्तरदाताओं - 18-34 वर्ष की आयु के 53 प्रतिशत- ने परिवर्तन लाने के लिए एक या अधिक प्रकार की शत्रुतापूर्ण सक्रियता को मंजूरी दी, जिसमें लोगों पर ऑनलाइन हमला करना, जानबूझकर गलत सूचना फैलाना, धमकी देना या हिंसा करना, और सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है।
अन्य प्रमुख निष्कर्षों के अनुसार शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में विश्वास की कमी दिखी। ट्रस्ट इंडेक्स पर सबसे बड़ी 10 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में से पांच सबसे कम भरोसेमंद देशों में से थे। इनमें जापान (37 प्रतिशत के साथ सबसे कम भरोसेमंद), जर्मनी (41), यूके (43), यूएस (47) और फ्रांस (48) का स्थान है। विकासशील देश अधिक भरोसेमंद निकले - चीन (77 प्रतिशत), इंडोनेशिया (76), भारत (75) और संयुक्त अरब अमीरात (72) एक बार फिर ट्रस्ट इंडेक्स में शीर्ष पर रहा।
कर्मचारियों के बीच विश्वास अंकों की गिरावट के साथ 75 प्रतिशत पर पहुंचने के बावजूद, 'माय इम्प्लॉयर' विश्व स्तर पर सबसे विश्वसनीय संस्था बनी हुई है। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि धनी लोगों को समस्या के रूप में देखा जाता है, अधिकांश लोगों का मानना है कि धनी लोग करों का उचित हिस्सा अदा करने से बचते हैं (67 प्रतिशत), तथा 65 प्रतिशत लोगों ने आम लोगों की अनेक समस्याओं के लिए उनके स्वार्थ को दोषी ठहराया।