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भारत ने कम कीमत वाले तेल के रणनीतिक भंडारण के जरिए की 5,000 करोड़ रुपये की बचत
Tue, 22 Sep 2020 03:27 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 22 Sep 2020 03:27 AM IST
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धर्मेंद्र प्रधान
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पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि भारत ने अप्रैल-मई में 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। इसके साथ ही तीन रणनीतिक भूमिगत कच्चे तेल भंडार को भरने के लिए दो दशक से भी कम अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों का इस्तेमाल किया। दुनिया के तीसरे बड़े तेल आयातक देश भारत ने किसी भी आकस्मिकता को पूरा करने के लिए तीन स्थानों पर भूमिगत रॉक गुफाओं में रणनीतिक भंडार बनाए हैं।
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राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में प्रधान ने कहा, भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कम कीमतों का फायदा उठाते हुए अप्रैल-मई, 2020 में 167 लाख बैरल क्रूड खरीदा है और विशाखापत्तनम, मंगलूरू और पाडुर में बनाए गए सभी तीन रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्वों को भरा है। जनवरी 2020 के दौरान 4,416 रुपये प्रति बैरल की तुलना में कच्चे तेल की खरीद की औसत लागत 1398 रुपये प्रति बैरल थी।
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