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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India's per capita availability of fruits and vegetables increases by 7 kg and 12 kg over last decade: Report

SBI Report: भारत में फलों और सब्जियों की प्रति व्यक्ति उपलब्धता बीते दशक की तुलना में बढ़ी, रिपोर्ट में दावा

Sat, 14 Dec 2024 12:18 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 14 Dec 2024 12:18 PM IST
सार

भारत में उत्पादित फलों और सब्जियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा- 30-35 प्रतिशत- उनकी जल्दी खराब होने वाली प्रकृति के साथ-साथ कटाई, भंडारण, परिवहन और पैकेजिंग में अकुशलता के कारण नष्ट हो जाता है। यह बात एसबीआई की एक रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट में और क्या कहा गया है आइए जानें।

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India's per capita availability of fruits and vegetables increases by 7 kg and 12 kg over last decade: Report
बैंक के बाहर जुटे लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस वर्षों में फलों और सब्जियों की प्रति व्यक्ति उपलब्धता क्रमशः 7 किलोग्राम और 12 किलोग्राम बढ़ी है। हालांकि, यह आंकड़ा कृषि आपूर्ति शृंखला में कई चुनौतियों को उजागर करता है जो पूरे देश में खाद्य खपत को प्रभावित करना जारी रखते हैं। विशेष रूप से, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब और जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों में फलों और सब्जियों के प्रति व्यक्ति उत्पादन में वृद्धि देखी गई है। हालांकि, कई पूर्वोत्तर राज्यों ने प्रति व्यक्ति उत्पादन में गिरावट दर्ज की है।

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भारत प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 227 किलोग्राम फल और सब्जियां पैदा करता है, जो सालाना प्रति व्यक्ति 146 किलोग्राम की सामान्य सिफारिश से अधिक है। हालांकि, फलों और सब्जियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा- 30-35 प्रतिशत - उनकी जल्दी खराब होने वाली प्रकृति के साथ-साथ कटाई, भंडारण, परिवहन और पैकेजिंग में अकुशलता के कारण नष्ट हो जाता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार, अनाज उत्पादन की अवधि के दौरान तापमान में 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से गेहूं की पैदावार में 3-4 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
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भारत में खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर 2024 में घटकर 5.48 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने के छह साल के उच्चतम 6 प्रतिशत से कम है। इस गिरावट का एक प्रमुख कारक सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट थी, जो अक्तूबर में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि से नवंबर में 29.3 प्रतिशत हो गई। हालांकि, नवंबर में प्रोटीनयुक्त पदार्थों की मुद्रास्फीति में कुछ वृद्धि देखी गई, जिसने कोर मुद्रास्फीति में समग्र वृद्धि में योगदान दिया।
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रिपोर्ट यह भी बताती है कि गैर-कृषि मज़दूरों के लिए मजदूरी में वृद्धि का खाद्य मुद्रास्फीति पर कम से कम प्रभाव पड़ता है। गैर-कृषि मजदूरों और ग्रामीण मुद्रास्फीति के लिए औसत दैनिक मजदूरी दर में बहुत कम सहसंबंध दिखा है, जो दर्शाता है कि मजदरी में वृद्धि खाद्य कीमतों में वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान नहीं देती है।

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