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GDP Growth: इंडिया रेटिंग्स ने घटाकर सात फीसदी किया जीडीपी ग्रोथ अनुमान, बताई ये बड़ी वजह
Wed, 30 Mar 2022 05:34 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Wed, 30 Mar 2022 05:34 PM IST
सार
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के चलते उपजे हालातों के कारण इंडिया रेटिंग्स ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है। रेटिंग एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में महंगाई के खतरे के देखते हुए पूर्व में जताए गए अनुमान 7.6 फीसदी को घटाकर 7 से 7.2 फीसदी कर दिया गया है।
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अर्थव्यवस्था जीडीपी
- फोटो : pixabay
विस्तार
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है। एजेंसी ने पहले जीडीपी 7.6 फीसदी की दर से बढ़ने की बात कही थी, जिसे अब घटाकर 7 से 7.2 फीसदी कर दिया गया है। कंपनी ने इसकी वजह मुख्य वजह रूस-यूक्रे के बीच संघर्ष को ठहराया है।
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भारतीय अर्थव्यस्था पर पड़ेगा प्रभाव
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच जारी इस युद्ध के कारण कच्चे तेल और अन्य जिंसों की कीमतों में तेजी से घरेलू खपत प्रभावित होने की आशंका के कारण ग्रोथ अनुमान कम कर दिया गया है। रेटिंग एजेंसी की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर तेल की कीमतें तीन महीने तक मौजूदा स्तरों पर बनी रहती हैं तो जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी रह सकती है। वहीं अगर तेल की कीमतें छह महीने तक इस स्तर पर रहती हैं तो फिर देश की ग्रोथ घटकर सात फीसदी रह जाएगी। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
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ग्राहकों की धारणाएं प्रभावित
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देशों पर अपना प्रभाव डाला है। इस जंग के कारण उपभोक्ता महंगाई में इजाफे से ग्राहकों की धारणाएं प्रभावित हुई हैं। जीडीपी ग्रोथ का अनुमसान घटाने के साथ ही रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2023 में प्राइवेट कंजम्प्शन के घटकर 8 से 8.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, बता दें कि ये पहले 9.4 फीसदी रखा गया था।
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देश में बढ़ेगी खुदरा महंगाई
इंडिया रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यदि तीन महीने तक तेल की कीमतें इसी स्तर पर रहती हैं तो वित्त वर्ष 2023 में औसत खुदरा महंगाई 5.8 फीसदी रह सकती है, जबकि अगर कीमतें छह महीने तक इसी स्तर पर रहेंगी तो खुदरा महंगाई 6.2 फीसदी रह सकती है। गौरतलब है कि एजेंसी ने पहले खुदरा महंगाई के 4.8 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया था।