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Startup: दूसरे साल भी भारत ने चीन को पछाड़ा, 2022 में देश में बने 23 यूनिकॉर्न, 18 फीसदी की वृद्धि

Thu, 16 Mar 2023 07:04 AM IST
वीरेंद्र शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Thu, 16 Mar 2023 07:04 AM IST
सार

आईवीसीए-बैन एंड कंपनी की जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है भारत में ऐसे यूनिकॉर्न की संख्या 96 हो गई है। हालाँकि, इस वर्ष की संख्या 2021 में बनाए गए 44 यूनिकॉर्न की तुलना में आधी है। उस वर्ष कुल 73 यूनिकॉर्न देश में थे।

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India has overtaken China for the second time in a row by adding 23 unicorns in 2022
Startup

विस्तार

भारत ने 2022 में 23 यूनिकॉर्न जोड़कर चीन को लगातार दूसरी बार पीछे छोड़ दिया है। चीन ने इसी दौरान केवल 11 यूनिकॉर्न बनाए हैं।
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आईवीसीए-बैन एंड कंपनी की जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है भारत में ऐसे यूनिकॉर्न की संख्या 96 हो गई है। हालाँकि, इस वर्ष की संख्या 2021 में बनाए गए 44 यूनिकॉर्न की तुलना में आधी है। उस वर्ष कुल 73 यूनिकॉर्न देश में थे। रिपोर्ट के अनुसार, 23 यूनिकॉर्न में से नौ शीर्ष 3 महानगरों के बाहर के शहरों से निकले हैं। इसका मतलब है कि गैर-महानगरों में स्टार्टअप की कुल फंडिंग में 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस साल भी कई निवेशकों ने अपना सबसे बड़ा फंड भारत केंद्रित स्टार्टअप से जुटाया है। वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2022 में देश में वेंचर कैपिटल निवेश (वीसी) में बढ़ोतरी देखी गई, क्योंकि वृहद आर्थिक अनिश्चितता और मंदी की आशंकाओं ने निवेश की गति को प्रभावित किया। देश में 2021 में स्टार्टअप के सौदों का मूल्य 38.5 अरब डॉलर था जो 2022 में घटकर 25.7 अरब डॉलर रह गया। सौंदों में ज्यादा गिरावट दूसरी छमाही यानी अक्तूबर से मार्च के दौरान देखी गई। 

सरकार जुटा सकती है 15.43 लाख करोड़
सरकार अगले वित्त वर्ष में बाजार से 15.43 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखी है। यह कुल उधारी का करीब 55 से 58% होगा। चालू वित्त वर्ष में  14.21 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य था। दो सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस पर अंतिम निर्णय 27 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक के साथ बैठक में लिया जाएगा। सरकार हालांकि इस दौरान कोई 20 या 50 साल वाले बॉन्ड्स को लॉन्च नहीं करेगी क्योंकि पहले के बॉन्ड्स से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस साल सरकार 160 अरब रुपये हरित बॉन्ड्स से जुटाई है। 
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नई विदेश व्यापार नीति इस महीने के अंत तक
सरकार इस महीने के अंत तक नई पंचवर्षीय विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) जारी कर सकती है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि वस्तुओं व सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने पर यह नीति होगी। मंत्रालय 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को दो लाख डॉलर ले जाने का लक्ष्य बना रहा है। बर्थवाल ने कहा, हमने अपना एफटीपी तैयार किया है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह इस महीने के अंत तक जारी हो जाएगी। एफ़टीपी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजित करने के लिए दिशानिर्देश प्रदान करेगी। 
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एलआईसी ने एनएमडीसी में बेची दो फीसदी हिस्सा
एलआईसी ने एनएमडीसी में दो फीसदी हिस्सा 700 करोड़ रुपये में बेच दिया है। शेयर बाजारों से मिली जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च तक एलआईसी का हिस्सा 11.69% रहा है जो पहले 13.69 फीसदी था। इसे 119.37 रुपये प्रति शेयर पर बेचा गया है। 

वेदांता ने चुकाया 10 करोड़ डॉलर का कर्ज
नई दिल्ली। वेदांता लि. ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड का 10 करोड़ डॉलर का कर्ज चुकाया है। कंपनी ने बुधवार को बताया कि यह कर्ज का अग्रिम भुगतान है और निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए यह फैसला किया है। भुगतान की तारीख 31 मार्च थी, उससे पहले ही इसे पूरा कर दिया। 


जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल में 4 सदस्य
जीएसटी के विवादों को निपटाने के लिए हर राज्य में चार सदस्यों वाले एक जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना की जाएगी। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, इसमें दो तकनीकी अधिकारी और दो न्यायिक सदस्य होंगे। दो विभागीय बेंच भी होगी। 
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