{"_id":"642f6c2f8315d2ea97028626","slug":"india-china-will-contribute-50-percent-to-economic-growth-imf-fears-decline-in-global-economy-2023-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"IMF: भारत-चीन का होगा आर्थिक विकास में 50% योगदान, आईएमएफ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट की जताई आशंका","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
IMF: भारत-चीन का होगा आर्थिक विकास में 50% योगदान, आईएमएफ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट की जताई आशंका
Fri, 07 Apr 2023 06:35 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 07 Apr 2023 06:35 AM IST
सार
आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टलीना ज्यॉर्जिएवा ने चेतावनी दी कि यूक्रेन युद्ध और कोरोना महामारी के कारण पिछले साल विश्व अर्थव्यवस्था में आई तेज गिरावट इस साल भी जारी रहेगी।
विज्ञापन
IMF
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर नकारात्मक रुझान दर्शाते हुए कहा है कि 2023 में दुनिया की अर्थव्यवस्था 3 फीसदी से कम की दर से बढ़ेगी और इसमें भी आधे का योगदान भारत और चीन का रहेगा। आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टलीना ज्यॉर्जिएवा ने चेतावनी दी कि यूक्रेन युद्ध और कोरोना महामारी के कारण पिछले साल विश्व अर्थव्यवस्था में आई तेज गिरावट इस साल भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा, धीमी आर्थिक गतिविधियां जारी रहेंगी। अगले पांच साल तक यह 3 फीसदी से नीचे रह सकती है। यह 1990 से अबतक हमारी सबसे कम मध्यम अवधि की भविष्यवाणी और पिछले दो दशक के औसत विकास दर 3.8 से बहुत कम है। उन्होंने कहा, उभरती अर्थव्यवस्थाआं खासकर एशिया से कुछ तेजी देखने को मिल सकती है। भारत और चीन 2023 में दुनिया के विकास में आधे का योगदान देंगे।
हालांकि अन्य अर्थव्यवस्थाएं तेज गिरावट देखेंगी। उन्होंने कहा कि धीमी विकास दर कम आय वाले देशों के लिए हालात और मुश्किल बना देगी। इसके कारण गरीबी और भुखमरी और बढ़ेगी। यह स्थिति कोविड संकट के दौरान आरंभ हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा, धीमी आर्थिक गतिविधियां जारी रहेंगी। अगले पांच साल तक यह 3 फीसदी से नीचे रह सकती है। यह 1990 से अबतक हमारी सबसे कम मध्यम अवधि की भविष्यवाणी और पिछले दो दशक के औसत विकास दर 3.8 से बहुत कम है। उन्होंने कहा, उभरती अर्थव्यवस्थाआं खासकर एशिया से कुछ तेजी देखने को मिल सकती है। भारत और चीन 2023 में दुनिया के विकास में आधे का योगदान देंगे।
विज्ञापन
हालांकि अन्य अर्थव्यवस्थाएं तेज गिरावट देखेंगी। उन्होंने कहा कि धीमी विकास दर कम आय वाले देशों के लिए हालात और मुश्किल बना देगी। इसके कारण गरीबी और भुखमरी और बढ़ेगी। यह स्थिति कोविड संकट के दौरान आरंभ हुई थी।
विज्ञापन