{"_id":"68b89a8bcc1c5372770afd56","slug":"gst-registration-process-made-simpler-for-small-and-low-risk-businesses-2025-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"GST 2.0: छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया आसान हुई, जीएसटी 2.0 के तहत एलान","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
GST 2.0: छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया आसान हुई, जीएसटी 2.0 के तहत एलान
Thu, 04 Sep 2025 01:14 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 04 Sep 2025 01:14 AM IST
सार
GST 2.0: नई योजना के तहत, जोखिम मापदंडों और डेटा विश्लेषण के आधार पर कम जोखिम वाले व्यवसायों की पहचान कर तीन कार्यदिवसों के भीतर स्वचालित पंजीकरण प्रदान की जाएगी। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विज्ञापन
56वीं जीएसटी काउंसिल मीटिंग
- फोटो : x.com/@FinMinIndia
विस्तार
जीएसटी परिषद ने छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए अनुपालन को आसान बनाने के उद्देश्य से एक सरलीकृत वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण योजना शुरू की है। बुधवार को अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के तहत किए एलान अनुमोदन में तेजी लाने और उद्यमियों के लिए बाधाओं को कम करने पर केंद्रित हैं।
विज्ञापन
नई योजना के तहत, जोखिम मापदंडों और डेटा विश्लेषण के आधार पर कम जोखिम वाले व्यवसायों की पहचान कर तीन कार्यदिवसों के भीतर स्वचालित पंजीकरण प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आवेदक जो स्वेच्छा से घोषणा करते हैं कि वे प्रति माह 2.5 लाख रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) दावे से अधिक होने की संभावना नहीं रखते हैं, वे भी इस सरलीकृत प्रक्रिया को चुनने के पात्र होंगे। सरकार का अनुमान है कि लगभग 96 प्रतिशत नए आवेदकों को सरलीकृत तंत्र से लाभ होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
ऑटोमोबाइल सेगमेंट में, पेट्रोल और पेट्रोल-हाइब्रिड कारों के साथ-साथ 1200 सीसी इंजन क्षमता और 4000 मिमी लंबाई से अधिक न होने वाली एलपीजी और सीएनजी वेरिएंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। 1500 सीसी और 4000 मिमी लंबाई से अधिक न होने वाली इंजन क्षमता वाली डीजल और डीजल-हाइब्रिड कारों की दरें भी 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएंगी।
विज्ञापन
तिपहिया वाहन, 350 सीसी तक की इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें और माल के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले मोटर वाहन भी इसी तरह 28 प्रतिशत के स्लैब से 18 प्रतिशत के स्लैब में आ जाएंगे। कृषि क्षेत्र के लिए, ट्रैक्टर, जो पहले 12 प्रतिशत जीएसटी आकर्षित करते थे, अब 5 प्रतिशत पर कर लगाया जाएगा। ट्रैक्टर के टायर और पुर्जे, जो 18 प्रतिशत स्लैब में थे, को भी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है