DGCA: सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया डीजीसीए अधिकारी, सिंधिया बोले- कदाचार के लिए जीरो टॉलरेंस
DGCA: डीजीसीए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अपने एक अधिकारी कैप्टन अनिल गिल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने पर विचार कर रहा है। इस बीच, सरकार ने अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
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सरकार ने बुधवार को डीजीसीए के अधिकारी कैप्टन अनिल गिल को निलंबित कर दिया। दरअसल, विमानन नियामक भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने पर विचार कर रहा है। उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच पूरी हो गई थी और रिपोर्ट हाल ही में नागर विमानन मंत्रालय को सौंपी गई थी।
मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, गिल को केंद्रीय लोक सेवा नियम की धारा 10 के तहत निलंबित किया गया है। इसके तहत नियुक्ति प्राधिकारी उन मामलों में उस सरकारी अधिकारी को निलंबित कर सकता है, जिसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही पर विचार किया जा रहा हो या लंबित हो। गिल अभी डीजीसीए में एयरोस्पोर्ट्स निदेशालय में एक निदेशक हैं।
नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बयान में कहा, कदाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह के किसी भी मुद्दे से निपटने के लिए हमेशा कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आदेश में कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान गिल को राष्ट्रीय राजधानी में होना चाहिए। प्रारंभिक जांच केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के मानदंडों के अनुसार की गई थी। खबरों के मुताबिक, भ्रष्टाचार के आरोप डीजीसीए विभाग में उनके कार्यकाल से जुड़े हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच डीजीसीए ने कई अधिकारियों की ड्यूटी में फेरबदल करना शुरू कर दिया है और उन्हं विभिन्न केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया है।