Climate Adaptation: 'जलवायु अनुकूलन के लिए धन की कमी कमजोर देशों के लिए खतरा', यूएन के महासचिव ने कही ये बात
Climate Adaptation: दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता से पहले जारी रिपोर्ट से पता चलता है कि विकासशील देशों की अनुकूलन की वित्त की आवश्यकताएं अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त प्रवाह की तुलना में 10 से 18 गुना बड़ी हैं, जो पिछले अनुमान की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है।
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संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में जलवायु जोखिमों और प्रभावों में तेजी के स्पष्ट संकेतों के बावजूद, अनुकूलन वित्त अंतर बढ़ रहा है और यह अब प्रति वर्ष 194 अरब डॉलर से 366 अरब डॉलर के बीच पहुंच गया है।
दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता से पहले जारी, "अनुकूलन अंतराल रिपोर्ट 2023: अल्पवित्तपोषित। जलवायु अनुकूलन पर अपर्याप्त निवेश और योजना" से पता चलता है कि विकासशील देशों की अनुकूलन की वित्त की आवश्यकताएं अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त प्रवाह की तुलना में 10 से 18 गुना बड़ी हैं, जो पिछले अनुमान की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है।
क्या है अनुकूलन वित्त अंतर?
अनुकूलन वित्त अंतर विकासशील देशों में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने की अनुमानित लागत और इन लागतों को पूरा करने के लिए उपलब्ध वित्त की मात्रा के बीच का अंतर है।
क्या बोले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रिपोर्ट पर अपने संदेश में कहा, "आज की अनुकूलन गैप रिपोर्ट जलवायु चरम सीमाओं से लोगों की रक्षा के लिए आवश्यकता और कार्रवाई के बीच बढ़ते विभाजन को दर्शाती है। लोगों और प्रकृति की रक्षा के लिए कदम उठाना पहले से कहीं अधिक जरूरी है।"
उन्होंने कहा, "जलवायू परिवर्तन के कारण जीवन और आजीविका खो रही है और नष्ट हो रही है, जिसमें कमजोर लोग सबसे अधिक पीड़ित हैं। हम एक अनुकूलन आपातकाल में हैं। हमें इस दिशा में कार्य करना चाहिए। हमें अब अनुकूलन अंतर को बंद करने के लिए कदम उठाने होंगे।"