{"_id":"68455b65b7455ee3fb0b9389","slug":"european-plane-maker-atr-excited-for-india-market-in-ten-years-plan-to-sell-300-turboprops-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"ATR: यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी एटीआर भारत को लेकर उत्साहित, 10 वर्षों में 300 टर्बोप्रॉप बेचने की योजना","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
ATR: यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी एटीआर भारत को लेकर उत्साहित, 10 वर्षों में 300 टर्बोप्रॉप बेचने की योजना
Sun, 08 Jun 2025 03:14 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 08 Jun 2025 03:14 PM IST
सार
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है और यहां हवाई अड्डों की संख्या के साथ-साथ क्षेत्रीय हवाई संपर्क भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
एटीआर एयरक्राफ्ट
- फोटो : ATR Aircraft
विस्तार
यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी एटीआर भारत में कारोबारी अवसरों को लेकर उत्साहित है। एटीआर भारत में अपने विमानों की बिक्री की संभावनाओं को तलाशने के लिए विभिन्न ऑपरेटर्स और एयरलाइंस के साथ बातचीत कर रही है। भारतीय बाजार की विकास संभावनाओं को देखते हुए एटीआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि अगले 10 वर्षों में देश में 300 और टर्बोप्रॉप होंगे।
देश में अभी 70 एटीआर विमान संचालित हो रहे
एयरबस और लियोनार्डो के संयुक्त उद्यम वाली कंपनी एटीआर 78 सीटों वाले टर्बोप्रॉप विमान के साथ-साथ मालवाहक विमान भी बनाती है। वर्तमान में, देश में 70 एटीआर विमान हैं, जिनका संचालन इंडिगो, एलायंस एयर और फ्लाई91 जैसी एयरलाइंस और ऑपरेटर्स द्वारा किया जाता है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और एशिया प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख जीन-पियरे क्लेरसिन ने हाल ही में दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही एटीआर विमान उड़ा रहे ऑपरेटरों सहित अनुसूचित और गैर-अनुसूचित ऑपरेटरों के साथ बातचीत कर रही है।
ये भी पढ़ें- World Bank: भारत ने 2011 से 2023 के बीच 17 करोड़ से अधिक लोगों को घोर गरीबी से बाहर निकाला, विश्व बैंक का दावा
विज्ञापन
भारत दुनिया का तेजी से बढ़ता नागरिक उड्डयन बाजार
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है और यहां हवाई अड्डों की संख्या के साथ-साथ क्षेत्रीय हवाई संपर्क भी बढ़ रहा है। देश में अगले पांच वर्षों में 50 और हवाई अड्डे स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौजूदा समय में, भारत में 160 से अधिक हवाई अड्डे चालू हैं। क्लेरसिन ने कहा कि भारत में अगले 10 वर्षों में 300 और टर्बोप्रॉप विमान होने की संभावना है।
छोटे मार्गों के लिए एटीआर विमानों के लिए संभावनाएं
एटीआर ने 100 देशों में 200 ऑपरेटरों को 1,800 विमान बेचे हैं। टैरिफ अनिश्चितताओं के बारे में, क्लेरसिन ने कहा कि कोई नहीं कह सकता कि इसका परिणाम क्या होगा। उन्होंने कहा, हम कीमतें कम रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे घरेलू बाजार के लिए, जहां कई छोटे मार्ग हैं, जहां एक घंटे में पहुंचा जा सकता है, वहां ऑपरेटरों को एटीआर विमान जैसे सस्ते उत्पाद की जरूरत होगी।
ये भी पढ़ें- Tesla: ₹13 लाख करोड़ गंवा एक दिन में सर्वाधिक घाटा झेलने वाली कंपनियों में शामिल हुई टेस्ला, जानें सबकुछ
विज्ञापन
देश में अभी 70 एटीआर विमान संचालित हो रहे
एयरबस और लियोनार्डो के संयुक्त उद्यम वाली कंपनी एटीआर 78 सीटों वाले टर्बोप्रॉप विमान के साथ-साथ मालवाहक विमान भी बनाती है। वर्तमान में, देश में 70 एटीआर विमान हैं, जिनका संचालन इंडिगो, एलायंस एयर और फ्लाई91 जैसी एयरलाइंस और ऑपरेटर्स द्वारा किया जाता है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और एशिया प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख जीन-पियरे क्लेरसिन ने हाल ही में दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही एटीआर विमान उड़ा रहे ऑपरेटरों सहित अनुसूचित और गैर-अनुसूचित ऑपरेटरों के साथ बातचीत कर रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- World Bank: भारत ने 2011 से 2023 के बीच 17 करोड़ से अधिक लोगों को घोर गरीबी से बाहर निकाला, विश्व बैंक का दावा
विज्ञापन
भारत दुनिया का तेजी से बढ़ता नागरिक उड्डयन बाजार
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है और यहां हवाई अड्डों की संख्या के साथ-साथ क्षेत्रीय हवाई संपर्क भी बढ़ रहा है। देश में अगले पांच वर्षों में 50 और हवाई अड्डे स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौजूदा समय में, भारत में 160 से अधिक हवाई अड्डे चालू हैं। क्लेरसिन ने कहा कि भारत में अगले 10 वर्षों में 300 और टर्बोप्रॉप विमान होने की संभावना है।
छोटे मार्गों के लिए एटीआर विमानों के लिए संभावनाएं
एटीआर ने 100 देशों में 200 ऑपरेटरों को 1,800 विमान बेचे हैं। टैरिफ अनिश्चितताओं के बारे में, क्लेरसिन ने कहा कि कोई नहीं कह सकता कि इसका परिणाम क्या होगा। उन्होंने कहा, हम कीमतें कम रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे घरेलू बाजार के लिए, जहां कई छोटे मार्ग हैं, जहां एक घंटे में पहुंचा जा सकता है, वहां ऑपरेटरों को एटीआर विमान जैसे सस्ते उत्पाद की जरूरत होगी।
ये भी पढ़ें- Tesla: ₹13 लाख करोड़ गंवा एक दिन में सर्वाधिक घाटा झेलने वाली कंपनियों में शामिल हुई टेस्ला, जानें सबकुछ