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ED: ईडी ने भूषण स्टील की 4025 करोड़ रुपये की संपत्ति जेएसडब्ल्यू स्टील को लौटाई, जांच के तहत की गई थी जब्त
Sat, 14 Dec 2024 11:17 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:17 AM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि 4,025 करोड़ रुपये की संपत्ति की वापसी पीएमएलए की धारा 8(8) (मुकदमा लंबित रहने तक वापसी) के तहत की गई, जिसे पीएमएलए संपत्ति बहाली नियमों के नियम 3ए के साथ पढ़ा जाए। एजेंसी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। आइए इस बारे में और जानें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : ANI
विस्तार
संघीय जांच एजेंसी ईडी ने ने शनिवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद पूर्ववर्ती भूषण स्टील एंड पावर लिमिटेड की 4,025 करोड़ रुपये की संपत्ति जेएसडब्ल्यू स्टील को वापस कर दी है। जेएसडब्ल्यू स्टील, कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत दिवालिया कंपनी की परिसंपत्तियों के लिए सफल समाधान आवेदक थी।
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इन संपत्तियों को पहले संघीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत भूषण स्टील एंड पावर और उसके प्रमोटरों के खिलाफ कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और उन निधियों को निजी निवेशों में "बदलने" के आरोपों की जांच के तहत जब्त किया था।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि 4,025 करोड़ रुपये की संपत्ति की वापसी पीएमएलए की धारा 8(8) (मुकदमा लंबित रहने तक वापसी) के तहत की गई, जिसे पीएमएलए संपत्ति बहाली नियमों के नियम 3ए के साथ पढ़ा जाए। एजेंसी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
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इसमें कहा गया है कि आईबीसी की धारा 32ए (2) की व्याख्या, सीआईआरपी के तहत कॉरपोरेट देनदारों की संपत्ति कुर्क करने की ईडी की शक्तियों या किसी अन्य संबंधित मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय ने कोई राय व्यक्त नहीं की है और मुद्दों को खुला छोड़ दिया है। भूषण स्टील एंड पावर के खिलाफ धन शोधन का मामला, कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय द्वारा दायर आरोपपत्र से उत्पन्न हुआ है।
संघीय जांच एजेंसी ने हाल ही में वास्तविक या सही निवेशकों के लिए 'संपत्ति की वापसी' प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें शारदा पोंजी 'घोटाला' और हीरा व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से जुड़े कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं।