फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Digital Payments Finance Ministry Gazette announcement no charges on UPI payments up to 2000 know benefits

डिजिटल पेमेंट: सरकार का बड़ा एलान- ₹2000 तक के यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा; किन यूजर्स को फायदा?

Tue, 15 Sep 2026 04:16 AM IST
ज्योति भास्कर आईएएनएस, नई दिल्ली।
आईएएनएस, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 15 Sep 2026 04:16 AM IST
सार

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की पहल के तहत सरकार ने बड़ा एलान किया है। वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक 2,000 रुपये तक के यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

विज्ञापन
Digital Payments Finance Ministry Gazette announcement no charges on UPI payments up to 2000 know benefits
यूपीआई - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि 2,000 रुपए तक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन पर बैंक किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लगा सकेंगे। इसी तरह, रुपे डेबिट कार्ड के जरिए 2,000 रुपए तक किए गए भुगतान पर भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र (गजट) अधिसूचना के अनुसार, रुपे डेबिट कार्ड और 2,000 रुपए तक के यूपीआई लेनदेन को आधिकारिक रूप से 'इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम' के रूप में अधिसूचित किया गया है।

विज्ञापन

विज्ञापन

किस कानून के तहत फैसला लिया गया?
अधिसूचना में कहा गया है कि कोई भी बैंक या भुगतान प्रणाली संचालक इन माध्यमों से भुगतान करने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रकार का शुल्क नहीं वसूल सकता। सरकार ने यह फैसला पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 के तहत अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अब इंटरनेट की टेंशन खत्म: यूपीआई पेमेंट में जुड़ा नया फीचर, अब टैप करके होगा भुगतान, कैसे करेगा काम?


यूपीआई लेनदेन पर शुल्क नहीं, सरकार ने दूर किया भ्रम
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले संभावित शुल्कों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति को दूर करना है। पिछले महीने भी केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया था कि आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई के माध्यम से किए जाने वाले व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।

व्यापारियों से जुड़ी नीति पर क्या है सरकार का रुख?
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने शुल्क नहीं लेने का फैसला लेते हुए कहा था कि व्यापारियों (मर्चेंट्स) पर भी कोई व्यापक रूप से लागू होने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं लगाया जाएगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यदि भविष्य में एमडीआर लागू किया भी जाता है, तो वह केवल कुछ विशेष श्रेणी के व्यापारी लेनदेन पर, एक निश्चित सीमा से अधिक राशि वाले भुगतानों पर और बेहद मामूली दर पर ही लागू होगा।

ये भी पढ़ें- Explainer: ₹2000 से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर क्या लग सकता है चार्ज, नए कानून से क्या बदल जाएगा?

स्पष्टीकरण की जरूरत क्यों पड़ी?
सरकार ने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में भी शुल्क डेबिट या क्रेडिट कार्ड लेनदेन पर लगने वाले एमडीआर की तुलना में काफी कम होगा। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में किए गए संशोधनों के बाद यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने की आशंकाओं को लेकर चर्चा चल रही थी। ऐसे में अब सरकार ने तस्वीर साफ कर दी है कि 2,000 रुपए तक के यूपीआई भुगतान और रुपे डेबिट कार्ड से किए गए भुगतान पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed