फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   demonetisation affecte jobs of 50 lakh people

नोटबंदी के बाद 50 लाख लोगों ने गंवाई नौकरियां, हालात सुधरने के नहीं हैं आसार

Wed, 17 Apr 2019 11:39 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 17 Apr 2019 11:39 AM IST
विज्ञापन
demonetisation affecte jobs of 50 lakh people
Employment (symbolic)
आठ नवंबर 2016 का दिन तो हर किसी को याद होगा। रात आठ बजे हुई नोटबंदी की घोषणा ने देश में हलचल मचा दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत में नोटबंदी का ऐलान कर 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए थे।
विज्ञापन


जहां एक ओर कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसके खिलाफ खड़े थे। सरकार ने जनता से दावा किया था कि नोटबंदी से देश का काला धन खत्म हो जाएगा। भारत के कालेधन पर असर पड़ा हो या ना, लेकिन नोटबंदी से देश के करीब 50 लाख लोगों की नौकरियों पर इसका गहरा असर पड़ा है।  
विज्ञापन


अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी (बेंगलुरू) की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 से 2018 के बीच 50 लाख लोगों को अपनी नौकरी खोनी पड़ी। रिपोर्ट में कहा गया है कि, साल 2016 की तीसरी तिमाही में शहरी और ग्रामीण लोगों की लेबर पार्टिसिपेशन फोर्स में भागीदारी अचानक कम हुई। इसके साथ ही 2017 की दूसरी तिमाही में भी इसकी दर में कमी आई और इसके बाद से ही देश में नौकरियां कम होती गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

demonetisation affecte jobs of 50 lakh people

हालात सुधरने के कोई आसार नहीं - रिपोर्ट

पिछले तीन वर्षों में श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) और डब्ल्यूपीआर की दर में कटौती हुई है। जनवरी-अप्रैल 2016 से सितंबर-दिसंबर 2018 तक, एलएफपीआर में 5.8 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं डब्ल्यूपीआर की दर 2.8 फीसदी तक गिरी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में भी नौकरी का संकट बना रहेगा और इसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है। 

इन लोगों पर पड़ा असर 

यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी से सबसे ज्यादा 20-24 वर्ष के युवक बेरोजगार हुए हैं और इससे पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा प्रभावित हुई हैं। साल 2016 और 2018 के बीच भारत में काम करने वाले पुरुषों की संख्या में एक करोड़ 61 लाख की वृद्धि हुई थी।

लेकिन डब्ल्यूपीआर में 5 मिलियन नौकरियों का नुकसान हुआ है। बता दें कि इस रिपोर्ट में केवल पुरुषों के आंकड़े ही शामिल है, महिलाओं के नहीं। अगर इसमें महिला कर्मचारियों के आंकड़े भी शामिल होते हैं तो इस संख्या में और इजाफा हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed