Cyrus Mistry Simplicity: सड़क यात्रा और रोड साइड फूड के शौकीन थे सायरस, पूर्व नौकरशाह ने ऐसे किया याद
Cyrus Mistry Simplicity: वर्ष 2016 में झारखंड के जमशेदपुर शहर की एक तस्वीर भी वायरल हुई थी जिसमें सायरस मिस्त्री एक लाइन होटल की खाट पर अपने ड्राइवर के साथ भोजन करते हुए दिख रहे हैं। जमशेदपुर को टाटा स्टील का प्लांट होने के कारण लौह नगरी के नाम से जाना जाता है।
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रविवार की दोपहर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सायरस मिस्त्री के बारे में पूर्व नौकरशाह गणेश जगताप ने कहा है कि वे दयालु स्वभाव के होने के साथ मराठी भोजन के शौकीन थे। पूर्व नौकरशाह ने कहा कि उन्हें उनकी कमी हमेशा खलेगी। पूर्व नौकरशाह ने कहा है कि जब हम पहली बार मिले तब सायरस बहुत ही विनम्र, दयालु और जमीन से जुड़े थे। वे हमेशा ऐसे ही बने रहे। पूर्व नौकरशाह गणेश जगताप ने कहा है कि सायरस बड़ा पाव जैसे रोडसाइड फूड के शौकीन थे। गुजरात और महाराष्ट्र की कई यात्राओं के दौरान उन्हें सायरस की यह पसंद देखने को मिली थी।
जमशेदपुर में सड़क किनारे ढाबे की खाट पर बैठ कर भोजन करते तस्वीर हुई थी वायरल
बता दें कि वर्ष 2016 में झारखंड के जमशेदपुर शहर की एक तस्वीर भी वायरल हुई थी जिसमें सायरस मिस्त्री एक लाइन होटल की खाट पर अपने ड्राइवर के साथ भोजन करते हुए दिख रहे हैं। जमशेदपुर को टाटा स्टील का प्लांट होने के कारण लौह नगरी के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2016 में अपनी जमशेदपुर यात्रा के दौरान वे काम से कहीं जा रहे थे। इस बीच उन्हें भूख लगी और वे वहीं एक रोड साइड ढाबे में खटिया पर लंच करने बैठ गए। उन्होंने वहीं लंच मंगाया और अपने चालक के साथ आम आदमी की तरह खाने लगे। उन पर उस दौरान फोटोग्राफर फानी महतो की नजर पड़ गई उन्होने भोजन करते हुए उनकी तस्वीर खींच ली और इस तस्वीर को 16 मई 2016 को ट्वीट कर दिया। इसके बाद यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इस तस्वीर के बाद दुनिया ने जाना था कि टाटा ग्रुप के चेयरमैन भी ढाबे पर इस तरह खाना खा सकते हैं। वास्तव में इतने सरल थे सायरस मिस्त्री।
सड़क मार्ग से यात्रा पसंद करते थे सायरस, मुंबई से था विशेष लगाव
जगताप के अनुसार सायरस मिस्त्री हमेशा सड़क मार्ग से यात्रा करना पसंद करते थे। वे जमीन से जुड़े थे और हमेशा दलालुतापूर्ण व्यवहार करते थे। अपने संस्थानों की यात्रा के दौरान वे अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और उनका कुशलक्षेम भी पूछते थे। जगताप के अनुसार वे मुझे अपने दफ्तर से निकल कर मुझे मेरी कार तक छोड़ने आते थे। सायरस मिस्त्री का जन्म मुंबई में चार जुलाई 1968 को हुआ था। उन्हें मुंबई से विशेष लगाव था। मुंबई के अलावा उनके घर लंदन, पुणे, अलीबाग और माथेरान में भी थे पर वे सबसे ज्यादा मुंबई में ही रहना पसंद करते थे। उन्हें रेसिंग का भी शौक था। इसके लिए वे 200 एकड़ में फैले पुणे स्थित मंजरी स्टड फार्म जाया करते थे। यह देश के सबसे पुराने स्टड फार्मों से एक है।
हम जुड़वां की तरह थे: सुप्रिया सुले
राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने मिस्री के निधन पर दुख जताया। उन्होंने सायरस को अपना जुड़वा बताया। सुले ने कहा कि मेरे पति सदानंद और बेटी रेवती को 12 सितंबर को लंदन में सायरस से मिलने वाले थे, लेकिन नियति की कोई और ही योजना थी। सुले ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र का शाकाहारी व्यंजन ठेचा पसंद था। उन्हें झींगा करी भी पसंद थी। शायद उनमें महाराष्ट्रियन आत्मा थी। हम जुड़वां की तरह थे, क्योंकि हमारी बहुत सी आदतें आपस में मिलती थी। हम खाना खाते समय हमेशा फोन पर बात करते थे। सायरस की यह आदत उनकी पत्नी रोहिका को पसंद नहीं थी और वह हमेशा कहती थी कि खाते समय बात करना सही नहीं होता है।