{"_id":"636140b2cca6ba09803c5b9e","slug":"common-itr-form-for-all-taxpayers-on-anvil-i-t-dept-invites-stakeholder-comments","type":"story","status":"publish","title_hn":"ITR: करदाताओं के लिए आसान आयकर रिटर्न फॉर्म बनाने का प्रस्ताव, सीबीडीटी ने मांगे सुझाव","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
ITR: करदाताओं के लिए आसान आयकर रिटर्न फॉर्म बनाने का प्रस्ताव, सीबीडीटी ने मांगे सुझाव
Tue, 01 Nov 2022 09:25 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 01 Nov 2022 09:25 PM IST
सार
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले सीबीडीटी ने कहा कि आईटीआर-1 और 4 जारी रहेगा, लेकिन व्यक्तियों के पास सामान्य आईटीआर फॉर्म में आय रिटर्न दाखिल करने का विकल्प भी होगा।
विज्ञापन
आयकर रिटर्न
- फोटो : iStock
विस्तार
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को सभी करदाताओं के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल आम आयकर रिटर्न फॉर्म के बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसके तहत आभासी डिजिटल संपत्ति से आय का एक अलग शीर्षक के तहत खुलासा करना होगा। ट्रस्ट और गैर-लाभकारी संगठनों को छोड़कर सभी करदाता प्रस्तावित नए सामान्य आईटीआर फॉर्म के साथ रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, जिस पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 15 दिसंबर तक हितधारकों की टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। अभी 7 प्रकार के आयकर रिटर्न (ITR) फॉर्म हैं जो विभिन्न श्रेणियों के करदाताओं द्वारा भरे जाते हैं।
विज्ञापन
आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) और आईटीआर फॉर्म 4 (सुगम) बड़े पैमाने पर भरे जाते हैं
आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) और आईटीआर फॉर्म 4 (सुगम) सरल रूप हैं जो बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए इस्तेमाल होते हैं। सहज 50 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्ति द्वारा दायर किया जा सकता है, ऐसी आय वेतन, गृह संपत्ति / अन्य स्रोतों (ब्याज आदि) से प्राप्त होती है। आईटीआर -4 व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और फर्मों द्वारा भरा जा सकता है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और व्यवसाय और पेशे से होती है। आईटीआर-2 आवासीय संपत्ति से आय वाले लोगों द्वारा, आईटीआर-3 को व्यवसाय / पेशे से लाभ के रूप में आय वाले लोगों द्वारा, आईटीआर-5 और 6 को क्रमशः एलएलपी और व्यवसायियों द्वारा भरा जाता है, जबकि आईटीआर-7 ट्रस्टों द्वारा भरा जाता है।
विज्ञापन
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले सीबीडीटी ने कहा कि आईटीआर-1 और 4 जारी रहेगा, लेकिन व्यक्तियों के पास सामान्य आईटीआर फॉर्म में आय रिटर्न दाखिल करने का विकल्प भी होगा। मसौदा आईटीआर का उद्देश्य रिटर्न दाखिल करने में आसानी लाना और व्यक्तियों और गैर-व्यावसायिक प्रकार के करदाताओं द्वारा आईटीआर दाखिल करने के समय को कम करना है। सीबीडीटी ने कहा कि करदाताओं को उन अनुसूचियों को देखने की आवश्यकता नहीं होगी जो उन पर लागू नहीं होती हैं। इसमें बेहतर व्यवस्था, तार्किक प्रवाह और प्री-फिलिंग के बढ़े हुए दायरे के साथ उपयोगकर्ता के अनुकूल तरीके से शेड्यूल का एक स्मार्ट डिजाइन होगा।
विज्ञापन