चीन के सबसे अमीर शख्स का हो रहा है विरोध, रोजाना 12 घंटे काम करने का दिया था फरमान
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चीन के सबसे अमीर शख्स और अलीबाबा समूह के संस्थापक जैक मा का इस वक्त पूरे देश में विरोध हो रहा है। यहां तक की सत्ताधारी पार्टी के अखबार ने भी उनके दिन के 12 घंटे काम करने के बयान को अहम की निशानी बताया है।
सोशल मीडिया पर भी निंदा
जैक मा के बयान की सोशल मीडिया पर भी निंदा हो रही है। जैक मा ने कहा था कि वो अपनी कंपनी में ऐसे लोगों को तरजीह देते हैं जो हफ्ते के छह दिन रोजाना 12 घंटे काम करें। उन्हें ऐसे व्यक्ति नहीं चाहिए जो केवल आठ घंटे काम करें।
अखबार ने भी लिखा संपादकीय
सत्ताधारी पार्टी के अखबार पीपुल्स डेली ने भी जैक मा के बयान को लेकर के संपादकीय लिखा है। अखबार ने कहा है कि ऐसा करने की सोचना भी कर्मचारियों के साथ अन्याय है। अगर कोई व्यक्ति सुबह 9 बजे से लेकर के रात 9 बजे तक हफ्ते के छह दिन काम करेगा तो फिर वो कैसे अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर सकेगा। यह एक तरह से कंपनी के अहम की निशानी बताता है।
कुछ लोग कर रहे हैं समर्थन
जैक मा ने कहा था कि उन्हें 8 घंटे काम करने की सोच रखने वालों की जरूरत नहीं। जैक मा के बयान की सोशल मीडिया पर निंदा हो रही है। हालांकि, कुछ लोग इसका समर्थन भी कर रहे हैं क्योंकि चीन की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है।
चीन में ओवरटाइम करवाने का मुद्दा चर्चाओं में है। ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि काम के लंबे घंटों की वजह से वहां जन्म दर कम है। कुछ कंपनियों के अधिकारियों की अचानक मौत होने की घटनाओं को भी ओवरटाइम से जोड़ा जा रहा है।
2.88 लाख करोड़ का है नेटवर्थ
जैक मा की कुल नेटवर्थ 2.88 लाख करोड़ रुपये है। 54 साल की उम्र में अपने रिटायरमेंट की घोषणा करने वाले जैक ने कहा कि वह साथी अरबपति बिल गेट्स के कदमों पर चलकर अपने नाम से फाउंडेशन शुरू करना चाहते हैं, जो शिक्षा पर केंद्रित होगा।
उन्होंने कहा कि बिल गेट्स से बहुत कुछ सीखना है। मैं उनकी तरह अमीर तो नहीं बन सकता, पर एक चीज मैं उनसे बेहतर कर सकता हूं। वह यह कि मैं उनसे पहले रिटायर हो सकता हूं। मा ने कहा कि मैं पिछले 10 साल से इसके लिए तैयारी कर रहा हूं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि जैक मा कंपनी छोड़ते हैं तो भी वह पार्टनरशिप स्ट्रक्चर द्वारा नियंत्रित होगी, जो एग्जीक्यूटिव्स के समूह को बोर्ड में सदस्यों का नामांकन करने में सक्षम बनाता है।
दो बार हुए थे परीक्षा में फेल
अलीबाबा के सीईओ पद से रिटायर होने की घोषणा करने वाले जैक मा चीन की विश्वविद्यालय परीक्षा में दो बार फेल हुए थे। इसी बात से उन्हें काफी कटोच पहुंचती है। मा ने कहा कि वो कभी भी अच्छे छात्र नहीं बन सके, लेकिन इसके बावजूद लगातार सुधार किया और जिंदगी से सीखता रहा।
20 साल पहले रखी थी अलीबाबा की नींव
मा ने करीब 20 साल पहले अपने एक दोस्त के साथ मिलकर अलीबाबा की शुरुआत की थी। आज दुनिया भर में इस कंपनी का नाम है। अलीबाबा की सालाना नेटवर्थ 29 लाख करोड़ रुपये है। 2013 में सीईओ पद से इस्तीफा देने के बाद आज भी वह कंपनी का प्रमुख चेहरा हैं। वह पहले ऐसे विदेशी कारोबारी हैं जिनसे डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद मिले थे।
अपनी टीम पर है पूरा भरोसा
जैक मा ने कहा कि मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। यह स्ट्रक्चर मैंने बनाया है, कुछ निवेशकों को भले ही यह पसंद नहीं है। पर मुझे लगता है यह कंपनी को मेरा सबसे बड़ा योगदान है और इसे लंबे समय तक चलाने में कारगर होगा। जैक मा के पास अलीबाबा के साथ ही साथ एंट फाइनेंशियल का भी नियंत्रण है। यह चीन की सबसे बड़ी मोबाइल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर है। इससे चीन के करीब 87 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं।
भारत में भी किया है कई कंपनियों में निवेश
चीन के अलावा अलीबाबा के भारत सहित पूरे विश्व में कई जगह कार्यालय हैं। भारत में इस कंपनी को ज्यादातर लोग यूसी ब्राउजर और यूसी न्यूज के नाम से ज्यादा जानते हैं। आजकल हर स्मार्टफोन में यह होता ही है। इसके अलावा भारत में इसकी ई-कॉमर्स वेबसाइट अलीबाबा.कॉम भी मश्हूर है। कंपनी ने पेटीएम, ऑनलाइन ग्रोसेरी कंपनी बिगबास्केट, जोमाटो आदि में भी निवेश किया है।