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Business Updates: पश्चिम एशिया संकट का असर, चावल निर्यात 7.5% घटकर 11.53 अरब डॉलर रहा
Thu, 23 Apr 2026 04:43 AM IST
Pavan
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 23 Apr 2026 04:43 AM IST
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बिजनेस अपडेट
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना…अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के सदस्यों की संख्या नौ करोड़ के पार पहुंच गई है। योजना की बढ़ती पहुंच और प्रभाव के चलते वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सकल नामांकन 1.35 करोड़ सदस्यों से अधिक हो गया है।
36 रुपये का अंतिम लाभांश देगी टेक महिंद्रा
टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 16 फीसदी बढ़कर 1,353.8 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए पांच रुपये अंकित मूल्य वाले हर शेयर पर 36 रुपये का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। चौथी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या 817 घटकर 75,377 रह गई।
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36 रुपये का अंतिम लाभांश देगी टेक महिंद्रा
टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 16 फीसदी बढ़कर 1,353.8 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए पांच रुपये अंकित मूल्य वाले हर शेयर पर 36 रुपये का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। चौथी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या 817 घटकर 75,377 रह गई।
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रियल एस्टेट- निवेश 72% बढ़कर रिकॉर्ड 5.1 अरब डॉलर
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में जनवरी-मार्च में पूंजी निवेश सालाना आधार पर 72 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 5.1 अरब डॉलर पहुंच गया। रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई के मुताबिक, रिकॉर्ड निवेश में डेवलपर्स की मुख्य हिस्सेदारी रही। इसके बाद रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) का स्थान रहा। आंकड़ों के मुताबिक, कुल निवेश में डेवलपर्स की हिस्सेदारी 42 फीसदी रही, जबकि रीट का 40 फीसदी योगदान रहा। कुल निवेश का 96 फीसदी हिस्सा घरेलू निवेशकों से प्राप्त हुआ, जिसमें डेवलपर्स की प्रमुख भूमिका रही।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में जनवरी-मार्च में पूंजी निवेश सालाना आधार पर 72 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 5.1 अरब डॉलर पहुंच गया। रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई के मुताबिक, रिकॉर्ड निवेश में डेवलपर्स की मुख्य हिस्सेदारी रही। इसके बाद रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) का स्थान रहा। आंकड़ों के मुताबिक, कुल निवेश में डेवलपर्स की हिस्सेदारी 42 फीसदी रही, जबकि रीट का 40 फीसदी योगदान रहा। कुल निवेश का 96 फीसदी हिस्सा घरेलू निवेशकों से प्राप्त हुआ, जिसमें डेवलपर्स की प्रमुख भूमिका रही।
इंडक्शन चूल्हे के उपकरणों पर सीमा शुल्क घटा सकता है केंद्र
सरकार घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और पश्चिम एशिया संकट के बीच कीमतों में वृद्धि से निपटने के लिए इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रही है।
एक अधिकारी ने बताया, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इंडक्शन चूल्हे को और अधिक किफायती बनाने के लिए इन पर जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी करने की सिफारिश भी की है। इंडक्शन कुकटॉप क्षेत्र में मांग-आपूर्ति की चुनौतियों से निपटने और आपूर्ति एवं कीमतों को स्थिर करने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने वाणिज्य विभाग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर हितधारकों के साथ परामर्श किया है।
डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव निधि केसरवानी ने कहा, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने मौजूदा संकट के बीच ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय किए हैं।
सरकार घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और पश्चिम एशिया संकट के बीच कीमतों में वृद्धि से निपटने के लिए इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रही है।
एक अधिकारी ने बताया, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इंडक्शन चूल्हे को और अधिक किफायती बनाने के लिए इन पर जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी करने की सिफारिश भी की है। इंडक्शन कुकटॉप क्षेत्र में मांग-आपूर्ति की चुनौतियों से निपटने और आपूर्ति एवं कीमतों को स्थिर करने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने वाणिज्य विभाग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर हितधारकों के साथ परामर्श किया है।
डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव निधि केसरवानी ने कहा, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने मौजूदा संकट के बीच ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय किए हैं।
पश्चिम एशिया संकट का असर: चावल निर्यात 7.5% घटकर 11.53 अरब डॉलर रहा
पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते भारत का चावल निर्यात 2025-26 में 7.5 प्रतिशत घटकर 11.53 अरब डॉलर रह गया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख बाजारों खासकर पश्चिम एशियाई देशों को निर्यात में कमी इसका मुख्य कारण है। मार्च महीने में चावल निर्यात में 15.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर 997.53 मिलियन डॉलर रह गया।
भारत के बासमती चावल का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य ईरान है, लेकिन मौजूदा अस्थिरता के चलते ऑर्डर, भुगतान चक्र और शिपिंग शेड्यूल पर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयातकों ने मौजूदा अनुबंधों का पालन करने और भुगतान भेजने में असमर्थता जताई है, जिससे निर्यातकों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
भारत के बासमती चावल का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य ईरान है, लेकिन मौजूदा अस्थिरता के चलते ऑर्डर, भुगतान चक्र और शिपिंग शेड्यूल पर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयातकों ने मौजूदा अनुबंधों का पालन करने और भुगतान भेजने में असमर्थता जताई है, जिससे निर्यातकों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
इस साल 20,000 भर्तियां करेगी इन्फोसिस, देगी 25 रुपये लाभांश
सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 20.8 फीसदी बढ़कर 8,501 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 7,033 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
कंपनी ने बृहस्पतिवार को बताया, इस अवधि में उसकी परिचालन आय 13.4 फीसदी बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये पहुंच गई। 2025-26 की चौथी तिमाही के अंत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 3,28,594 थी। इन्फोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में 20,000 नए कर्मचारियों की भर्ती की योजना बना रही है।
कंपनी ने सीईओ-एमडी सलील पारेख ने कहा, हमने 2025-26 में 3.1 फीसदी वृद्धि के साथ मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें 14.9 अरब डॉलर के बड़े सौदे शामिल हैं। यह हमारे उद्यम एआई मूल्य प्रस्ताव की मजबूती और परिवर्तनकारी अवसरों में बाजार हिस्सेदारी बढ़ने को दर्शाते हैं। उधर, कंपनी के बोर्ड ने 2025-26 के लिए प्रति शेयर 25 रुपये का अंतिम लाभांश देने की घोषणा की है, जिसकी रिकॉर्ड तिथि 10 जून है। पात्र शेयरधारकों को लाभांश राशि 25 जून को वितरित की जाएगी।
सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 20.8 फीसदी बढ़कर 8,501 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 7,033 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
कंपनी ने बृहस्पतिवार को बताया, इस अवधि में उसकी परिचालन आय 13.4 फीसदी बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये पहुंच गई। 2025-26 की चौथी तिमाही के अंत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 3,28,594 थी। इन्फोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में 20,000 नए कर्मचारियों की भर्ती की योजना बना रही है।
कंपनी ने सीईओ-एमडी सलील पारेख ने कहा, हमने 2025-26 में 3.1 फीसदी वृद्धि के साथ मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें 14.9 अरब डॉलर के बड़े सौदे शामिल हैं। यह हमारे उद्यम एआई मूल्य प्रस्ताव की मजबूती और परिवर्तनकारी अवसरों में बाजार हिस्सेदारी बढ़ने को दर्शाते हैं। उधर, कंपनी के बोर्ड ने 2025-26 के लिए प्रति शेयर 25 रुपये का अंतिम लाभांश देने की घोषणा की है, जिसकी रिकॉर्ड तिथि 10 जून है। पात्र शेयरधारकों को लाभांश राशि 25 जून को वितरित की जाएगी।
कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर 100 रुपये लीटर तक नुकसान, फिर भी नहीं बढ़ाएंगे कीमत: केंद्र
विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम 25-28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए जाने की अफवाहों के बीच सरकार ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट कहा, फिलहाल ईंधन की कीमतों में वृद्धि करने की ऐसी कोई योजना नहीं है। यह अफवाह है और इस पर किसी तरह से विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, पशि्चम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल पर करीब 20 रुपये और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठा रही हैं। इसके बावजूद कीमतें बढ़ाने का ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 6 अप्रैल, 2022 से पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतें नहीं बढ़ी हैं।
विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम 25-28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए जाने की अफवाहों के बीच सरकार ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट कहा, फिलहाल ईंधन की कीमतों में वृद्धि करने की ऐसी कोई योजना नहीं है। यह अफवाह है और इस पर किसी तरह से विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, पशि्चम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल पर करीब 20 रुपये और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठा रही हैं। इसके बावजूद कीमतें बढ़ाने का ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 6 अप्रैल, 2022 से पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतें नहीं बढ़ी हैं।
घरेलू सिलिंडर के दाम 17% घटे, बुकिंग में भी आई कमी
संयुक्त सचिव ने बताया, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 17 फीसदी की कमी आई है और इसकी बुकिंग में भी कमी आ रही है। वर्तमान में करीब 4,000 बुकिंग प्रतिदिन के आसपास है। 94 फीसदी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के जरिये की जा रही है। 3.75 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी अपना लिया है। वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति लगभग 70 फीसदी तक बहाल हो गई है और अप्रैल में अब तक 1,40,000 टन से अधिक की बिक्री हो चुकी है।
संयुक्त सचिव ने बताया, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 17 फीसदी की कमी आई है और इसकी बुकिंग में भी कमी आ रही है। वर्तमान में करीब 4,000 बुकिंग प्रतिदिन के आसपास है। 94 फीसदी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के जरिये की जा रही है। 3.75 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी अपना लिया है। वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति लगभग 70 फीसदी तक बहाल हो गई है और अप्रैल में अब तक 1,40,000 टन से अधिक की बिक्री हो चुकी है।
भारत ने मालदीव को दी 30 अरब रुपये की वित्तीय मदद
भारत ने मालदीव को करेंसी स्वैप (मुद्रा विनिमय) समझौते के अंतर्गत 30 अरब रुपये की पहली निकासी की सुविधा दी है। भारत के उच्चायोग ने यह जानकारी दी। यह समझौता भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव सरकार के बीच अक्तूबर 2024 में राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू की भारत यात्रा के दौरान हुआ था।
इससे पहले मालदीव ने इसी व्यवस्था के तहत 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की निकासी की थी, जिसकी अवधि 23 अप्रैल 2026 को पूरी हो गई। 2024-2027 की अवधि के इस समझौते के तहत रुपये में दी गई सुविधा में ब्याज दरों और अन्य शर्तों में रियायतें शामिल हैं। उच्चायोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2012 में सार्क करेंसी स्वैप व्यवस्था शुरू होने के बाद से भारतीय रिजर्व बैंक अब तक मालदीव को कुल 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता दे चुका है। यह व्यवस्था मालदीव की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।
भारत ने मालदीव को करेंसी स्वैप (मुद्रा विनिमय) समझौते के अंतर्गत 30 अरब रुपये की पहली निकासी की सुविधा दी है। भारत के उच्चायोग ने यह जानकारी दी। यह समझौता भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव सरकार के बीच अक्तूबर 2024 में राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू की भारत यात्रा के दौरान हुआ था।
इससे पहले मालदीव ने इसी व्यवस्था के तहत 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की निकासी की थी, जिसकी अवधि 23 अप्रैल 2026 को पूरी हो गई। 2024-2027 की अवधि के इस समझौते के तहत रुपये में दी गई सुविधा में ब्याज दरों और अन्य शर्तों में रियायतें शामिल हैं। उच्चायोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2012 में सार्क करेंसी स्वैप व्यवस्था शुरू होने के बाद से भारतीय रिजर्व बैंक अब तक मालदीव को कुल 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता दे चुका है। यह व्यवस्था मालदीव की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।