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Budget 2025: पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बनेंगे हवाई अड्डे; विमानन क्षेत्र के बजट में 10 फीसदी की कटौती
Sat, 01 Feb 2025 03:15 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 01 Feb 2025 03:15 PM IST
सार
बजट में उड़ान योजना का दायरा बढ़ाने की घोषणा करते हुए पहाड़ी और पूर्वोत्तर इलाकों तक हवाई अड्डे बनाने की बात कही गई है। मगर नागरिक विमानन मंत्रालय के बजट में कटौती कर दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने नागरिक विमानन मंत्रालय का बजट 2,658.68 करोड़ रुपये से अब 2,400.31 करोड़ रुपये कर दिया है।
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बजट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कई बड़े एलान किए हैं। बजट में उड़ान योजना का दायरा बढ़ाने की घोषणा करते हुए पहाड़ी और पूर्वोत्तर इलाकों तक हवाई अड्डे बनाने की बात कही गई है। मगर नागरिक विमानन मंत्रालय के बजट में कटौती कर दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने नागरिक विमानन मंत्रालय का बजट 2,658.68 करोड़ रुपये से अब 2,400.31 करोड़ रुपये कर दिया है। वहीं उड़ान के लिए पिछले बजट के मुकाबले 800 करोड़ रुपये से 540 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि उड़ान योजना से 120 नए गंतव्यों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना ने 1.5 करोड़ मध्यम वर्ग के लोगों की हवाई यात्रा की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाया है।
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उन्होंने कहा कि अब एक संशोधित उड़ान योजना शुरू की जाएगी। इससे 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाया जा सकेगा। इससे अगले 10 वर्षों में चार करोड़ यात्रियों को जोड़ा जा सकेगा। इस योजना के तहत पहाड़ी, आकांक्षी और पूर्वोत्तर क्षेत्र के जिलों में हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डे बनेंगे।
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बजट दस्तावेजों के मुताबिक उड़ान योजना में हवाई अड्डों के पुनरुद्धार और आरसीएस मार्गों की शुरुआत, पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी के लिए बजट दिया गया। इसमें कहा गया है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई संपर्क और विमानन बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए एक नई योजना भी तैयार की गई है। वित्त मंत्री ने बिहार में नए ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने की बात भी कही है। ये एयरपोर्ट पटना के बेहटा में बन रहे एयरपोर्ट से अलग होंगे।
इसके अलावा बजट में डीजीसीए और बीसीएएस के लिए बढ़ाकर क्रमशः 330 करोड़ रुपये और 95 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं टियर 2 और 3 शहरों के हवाई अड्डों के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और एएआई कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड एलाइड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड (एएआईसीएलएएस) को सीमा शुल्क लागत वसूली के लिए 142.75 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड को चालू वित्त वर्ष के 1,017.67 करोड़ रुपये की तुलना में थोड़ा अधिक 1,025.51 करोड़ रुपये का आवंटन मिलेगा।
क्या है सरकार की उड़ान योजना
ये स्कीम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल हैं। इसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना और हवाई यात्रा को आम नागरिकों के लिए सुलभ और किफायती बनाना है। टियर II और टियर III शहरों में हवाई संपर्क बढ़ाना, जिससे क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रोत्साहन मिले। सस्ती हवाई यात्रा: योजना के तहत, एक घंटे की उड़ान के लिए टिकट की कीमत लगभग ₹2,500 निर्धारित की गई है, जिससे हवाई यात्रा अधिक लोगों के लिए सुलभ हो सके। इस योजना के तहत अब तक 601 हवाई मार्गों को जोड़ा गया है। इससे 1.44 करोड़ से अधिक यात्रियों ने लाभ उठाया है। उड़ान योजना के कारण, देश में परिचालन हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर अब 141 हो गई है। सरकार ने उड़ान योजना को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसमें हेलीकॉप्टर सेवाओं और सी-प्लेन संचालन को भी शामिल किया जाएगा, ताकि दुर्गम और जल क्षेत्रों में भी हवाई संपर्क स्थापित हो सके।