कृषिः बजट में खेती के पुराने तरीकों पर सरकार का जोर, कम होगा खर्चा
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केंद्र सरकार का पूरा जोर इस बार खेती के पुराने तरीकों पर लौटने का है, ताकि इसकी लागत को कम किया जा सके। सरकार के प्रत्येक कार्य एवं योजना के केन्द्र में ‘‘गांव, गरीब और किसान’’ होने का दावा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी।
इसके अलावा खेती के लिए सरकार फिर से जीरो बजट की तरफ जाने का प्रयास करेगी। इसके लिए पुराने तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि फसल उगाने की लागत में कमी हो जाए। वित्त मंत्री ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो भी करते हैं, सरकार के प्रत्येक कार्य एवं प्रत्येक योजना के केन्द्र में गांव, गरीब और किसान होता है।’’
बिजली, पानी के लिए कनेक्शन
उन्होंने कहा कि जो लोग कनेक्शन नहीं लेना चाहते, उन्हें छोड़कर 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी।
गांवों में बनेगी 125000 किमी की सड़कें
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 80,250 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 1,25,000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी।
आवास के लिए यह घोषणा
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2019-20 से 2021-22 तक पात्रता रखने वाले लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान मुहैया कराये जाएंगे। इनमें रसोई गैस, बिजली एवं शौचालयों जैसी सुविधा होगी।