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India-Bhutan: गुजरात में भूटान के राजा और PM से अरबपति कारोबारी अदाणी की मुलाकात, मकसद- सहयोग के अवसर तलाशना
Tue, 23 Jul 2024 11:38 PM IST
ज्योति भास्कर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 23 Jul 2024 11:38 PM IST
सार
भूटान के राजा और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर आया। मंगलवार को गुजरात की अपनी दो दिवसीय यात्रा पर इस दल ने मुंद्रा और खावड़ा में अदाणी समूह के प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना स्थलों का दौरा किया। अदाणी ने दोनों के साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कीं।
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भारत दौरे पर आए भूटान के मेहमानों के साथ उद्योगपति गौतम अदाणी
- फोटो : एक्स हैंडल अदाणी
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विस्तार
भारत के अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी ने भूटान के राजा और प्रधानमंत्री से गुजरात में मुलाकात की। दोनों के साथ मुलाकात की तस्वीरें शेयर कर अदाणी ने कहा भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक और प्रधानमंत्री भूटान दाशो त्शेरिंग टोबगे की मेजबानी कर बेहद खुश हैं। उन्होंने खावड़ा और मुंद्रा बंदरगाह में 30 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा साइट का दौरा करने के लिए दोनों का आभार भी प्रकट किया। अदाणी ने कहा कि भारत और भूटान स्थायी और हरित भविष्य के लिए थंडर ड्रैगन की भूमि के साथ सहयोग को बढ़ावा देने को प्रतिबद्ध हैं। ऐसे में वे भी अपनी भूमिका को लेकर उत्साहित हैं।
सूत्रों ने कहा कि भूटान के शीर्ष नेताओं की यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य अदाणी समूह के साथ कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग के अवसरों का पता लगाना था। मुंद्रा में, अदाणी समूह भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह का संचालन करता है, जबकि खावड़ा में यह दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित कर रहा है। भूटान का लक्ष्य बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास में समूह की विशेषज्ञता को देखते हुए सहयोग करना है।
अदाणी ने कहा कि भूटान की जीवंत भावना और पर्यावरण-अनुकूल पहलों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को देखकर उन्हें काफी प्रेरणा मिलती है। गौरतलब है कि जलविद्युत भूटान की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो इसके सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और निर्यात राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देती है। भूटान अपनी उत्पादित बिजली का एक बड़ा हिस्सा भारत को निर्यात करता है, जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलती है।
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सूत्रों ने कहा कि भूटान के शीर्ष नेताओं की यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य अदाणी समूह के साथ कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग के अवसरों का पता लगाना था। मुंद्रा में, अदाणी समूह भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह का संचालन करता है, जबकि खावड़ा में यह दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित कर रहा है। भूटान का लक्ष्य बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास में समूह की विशेषज्ञता को देखते हुए सहयोग करना है।
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अदाणी ने कहा कि भूटान की जीवंत भावना और पर्यावरण-अनुकूल पहलों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को देखकर उन्हें काफी प्रेरणा मिलती है। गौरतलब है कि जलविद्युत भूटान की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो इसके सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और निर्यात राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देती है। भूटान अपनी उत्पादित बिजली का एक बड़ा हिस्सा भारत को निर्यात करता है, जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलती है।
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