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RBI Data: उद्योगों को कर्ज बांटने की रफ्तार बढ़ी, नवंबर में क्रेडिट ग्रोथ 9.6% पर; एमएसएमई सेक्टर में दिखा दम
Fri, 02 Jan 2026 06:08 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 02 Jan 2026 06:08 PM IST
सार
RBI Data: नवंबर 2025 में उद्योगों की क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर 9.6% हुई। एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कर्ज की मांग बढ़ी, जबकि हाउसिंग और क्रेडिट कार्ड लोन में नरमी देखी गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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आरबीआई
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक गतिविधियों के मजबूत होने के संकेत मिले हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में उद्योगों को दिए जाने वाले बैंक कर्ज की वृद्धि दर बढ़कर 9.6 प्रतिशत हो गई है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी महीने (नवंबर 2024) में दर्ज की गई 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर के मुकाबले बेहतर है।
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नॉन-फूड क्रेडिट में भी उछाल
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 28 नवंबर 2025 को समाप्त हुए पखवाड़े में नॉन-फूड बैंक क्रेडिट में साल-दर-साल आधार पर 11.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसकी तुलना में, पिछले वर्ष इसी पखवाड़े के दौरान यह वृद्धि 10.6 प्रतिशत थी। यह स्पष्ट करता है कि बैंकिंग सिस्टम से कर्ज का प्रवाह बढ़ा है।
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एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर सबसे आगे
आरबीआई के 'सेक्टोरल डिप्लॉयमेंट ऑफ बैंक क्रेडिट- नवंबर 2025' डेटा से पता चलता है कि छोटे उद्योगों में कर्ज की मांग सबसे ज्यादा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को दिए जाने वाले कर्ज में दोहरे अंकों का विस्तार जारी है। इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल्स और 'पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद व परमाणु ईंधन' जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कर्ज की मांग में उत्साहजनक वृद्धि दर्ज की गई है।
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सेवा और कृषि क्षेत्र में मिली-जुली तस्वीर
सेवा क्षेत्र में क्रेडिट ग्रोथ 11.7 प्रतिशत रही, जो पिछले साल के 12.8 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ी कम है। हालांकि, इस सेक्टर के भीतर 'नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों' और 'कंप्यूटर सॉफ्टवेयर' सेगमेंट में सुधार देखा गया है। ट्रेड और कमर्शियल रियल एस्टेट में भी अच्छी ग्रोथ रही, लेकिन इसमें थोड़ी गिरावट भी देखी गई। वहीं, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण वृद्धि दर घटकर 8.7 प्रतिशत रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 15.3 प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी।
हाउसिंग और क्रेडिट कार्ड में नरमी
आम आदमी द्वारा लिए जाने वाले पर्सनल लोन सेगमेंट की ग्रोथ 12.8 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले 13.4 प्रतिशत थी। वाहन ऋण और गोल्ड ज्वैलरी लोन में स्थिरता बनी हुई है। आरबीआई ने विशेष रूप से नोट किया है कि 'हाउसिंग लोन' और 'क्रेडिट कार्ड आउटस्टैंडिंग' में थोड़ी नरमी देखी गई है। यह डेटा 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) से एकत्र किया गया है, जो सभी कमर्शियल बैंकों द्वारा दिए गए कुल नॉन-फूड क्रेडिट का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं।
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