Anti-Dumping Duty: 'चीनी इंजीनियरिंग सामग्री पर लगेगा एंटी-डंपिंग शुल्क'; DGTR लिफ्ट से जुड़े सामानों पर सख्त
डीजीटीआर ने लिफ्ट प्रणाली में इस्तेमाल होने वाली चीनी इंजीनियरिंग वस्तुओं पर पांच साल के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की सिफारिश की है। एंटी-डंपिंग जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना होता है कि क्या सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा है। इस जांच के बाद देशों द्वारा डंपिंग रोकने के लिए ड्यूटी लगाई जाती है।
विस्तार
वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा डीजीटीआर ने लिफ्ट प्रणाली में इस्तेमाल होने वाली चीनी इंजीनियरिंग वस्तुओं पर पांच साल के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से बचाना है।
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डीजीटीआर ने क्या पाया?
डीजीटीआर ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में पाया है कि चीन से आयातित "टी-शेप्ड एलिवेटर/लिफ्ट गाइड रेल और काउंटरवेट गाइड रेल" भारत में सामान्य मूल्य से कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं। इससे डंपिंग की स्थिति उत्पन्न हुई है।
आयात पर 24.11 प्रतिशत एंटी-डंपिंग ड्यूटी की सिफारिश
डीजीटीआर ने आयात पर 24.11 प्रतिशत से 51.87 प्रतिशत तक सीआईएफ (कास्ट, इंश्योरेंस और फ्रेट) मूल्य के आधार पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश की है।डीजीटीआर शुल्क की सिफारिश करता है, जबकि वित्त मंत्रालय इसे लगाने का अंतिम निर्णय लेता है।
डीजीटीआर ने लिफ्ट कार और काउंटरवेट/संतुलन वजन के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए इस्तेमाल होने वाली गाइडिंग स्ट्रक्चर यानी गाइड रेल्स पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश की है।
एंटी-डंपिंग का उद्देश्य
एंटी-डंपिंग जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना होता है कि क्या सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा है। इस जांच के बाद देशों द्वारा डंपिंग रोकने के लिए ड्यूटी लगाई जाती है। वह जेनेवा स्थित विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के बहुपक्षीय नियमों के तहत होती है। भारत और चीन दोनों डब्लयूटीओ के सदस्य हैं। इस शुल्क का उद्देश्य निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को सुनिश्चित करना व विदेशी उत्पादकों और निर्यातकों के मुकाबले घरेलू उत्पादकों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है।
भारत का चीन के साथ 100 अरब डॉलर का व्यापार घाटा
भारत ने चीन सहित विभिन्न देशों से सस्ते आयात से निपटने के लिए पहले ही कई उत्पादों पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगा दिया है। भारत का चीन के साथ लगभग 100 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है।