US Tariffs: भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का अमेरिका का फैसला तर्कहीन, राजनयिक ने जताई आपत्ति
विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंधों के सचिव दम्मू रवि ने ट्रंप के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि टैरिफ को बढ़ाकर 50 फीसदी करने का फैसला एकतरफा और तर्कहीन है। वहीं डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि इस निर्णय से बाजार में घबराहट की संभावना कम है, लेकिन निकट भविष्य में कमजोरी बनी रहेगी।
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अमेरिका की ओर से टैरिफ को 50 फीसदी तक दोगुना किए जाने पर एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक ने कड़ा एतराज जताया है। उनका मानना है कि यह बिना किसी तर्क या कारण के एकतरफा निर्णय है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी के बीच बातचीत अभी भी चल रही है।
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रूसी तेल आयात पर अमेरिका ने लगाया अतिरिक्त टैरिफ
ट्रंप ने बुधवार देर रात भारत के खिलाफ एक कार्याकरी आदेश जारी किया। इसके तहत रूस से तेल आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया गया। इससे भारतीय वस्तुओं पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया।
इससे भारत को उबरना होगा
विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंधों के सचिव दम्मू रवि ने कहा कि यह एकतरफा फैसला है। मुझे नहीं लगता कि जिस तरह से यह फैसला लिया गया है, उसमें कोई तर्क या कारण है। अधिकारी ने आगे कहा कि यह एक ऐसा चरण है, जिससे हमें उबरना होगा। बातचीत अब भी जारी है। इसलिए, हमें विश्वास है कि समय के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारियों के सामधान मिल जाएंगे। रवि ने एलआईडीई ब्राजील इंडिया फोरम के अवसर पर संवाददाताओं से यह बात कही।
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इस फैसले से लगा अस्थायी विराम
रवि ने कहा कि हम समाधान ढूंढने के बहुत करीब थे और मुझे लगता है कि इस गति में अस्थायी विराम लग गया है, लेकिन बातचीत फिर भी जारी रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों के कारोबारी और नेता व्यापार अवसरों की तलाश में हैं।
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नए अवसरों की तलाश करेगा भारत
अधिकारी ने कहा कि उच्च टैरिफ का भारतीय उद्योग पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब भी किसी देश को टैरिफ जैसी बाधाओं का सामना करना पड़ता है, तो वह नए बाजारों की तलाश करता है। जहां वह व्यापार कर सके। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया, लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण एशिया उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जिन्हें भारत लक्षित करेगा।
दुनिया इसका समाधान ढूंढ लेगी
रवि के अनुसार यह एक अस्थायी बाधा है या एक अस्थायी समस्या है, जिसका देश को सामना करना पड़ेगा। समय के साथ, हमें विश्वास है कि दुनिया इसका समाधान ढूंढ लेगी। समान विचारधारा वाले देश ऐसे सहयोग और आर्थिक जुड़ाव की तलाश करेंगे, जो सभी पक्षों के लिए लाभाकारी हो।
व्यापार नीति को लेकर अनिश्चित हालात बने हुए हैं
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगाने के फैसले के लागू होने में अभी 21 दिन का समय है। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत और किसी संभावित समझौते की उम्मीद बची हुई है। हालांकि व्यापार नीति को लेकर हालात अब भी अनिश्चित बने हुए हैं।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने हाल ही में यूरोपीय संघ सहित कई अन्य देशों के साथ व्यापार समझौते में सफलता हासिल की है। इसलिए ट्रंप के अपने अनुचित रुख से बहुत पीछे हटने की संभावना नहीं है। अमेरिका वर्तमान में एक मजबूत स्थिति से मोलभाव कर रहा है, जिससे भारत पर दबाव बढ़ गया है।
बाजार में घबराहट की संभावना कम, पर चुनौतियां बरकरार
बाजार में घबराहट की संभावना कम है, लेकिन निकट भविष्य में कमजोरी बनी रहेगी। निवेशकों के सतर्क रुख के कारण निर्यात-उन्मुख क्षेत्र कमजोर ही रहेंगे। बैंकिंग और वित्तीय, दूरसंचार, होटल, सीमेंट, पूंजीगत वस्तुएं और ऑटोमोबाइल जैसे घरेलू उपभोग क्षेत्र मजबूत बने रहेंगे।