Indo-Pakistan Tension: इक्विटी म्यूचुअल फंड में चौथे माह भी गिरावट, एसआईपी में रिकॉर्ड 26632 करोड़ का निवेश
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने शुक्रवार को आंकड़े जारी कर बताया, पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से शेयर बाजार में जारी अस्थिरता के कारण यह गिरावट आई है। पिछले महीने इक्विटी एमएफ में निवेश मार्च के 25,082 करोड़, फरवरी के 29,303 करोड़, जनवरी के 39,688 करोड़ और दिसंबर, 2024 के 41,156 करोड़ रुपये से काफी कम है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इक्विटी म्यूचुअल फंड (एमएफ) में निवेश अप्रैल, 2025 में 3.24 फीसदी घटकर 24,269 करोड़ रुपये रह गया। यह लगातार चौथा महीना है, जब इक्विटी एमएफ में निवेश घटा है। हालांकि, म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश लगातार 50वें महीने सकारात्मक बना रहा।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने शुक्रवार को आंकड़े जारी कर बताया, पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से शेयर बाजार में जारी अस्थिरता के कारण यह गिरावट आई है। पिछले महीने इक्विटी एमएफ में निवेश मार्च के 25,082 करोड़, फरवरी के 29,303 करोड़, जनवरी के 39,688 करोड़ और दिसंबर, 2024 के 41,156 करोड़ रुपये से काफी कम है।
इक्विटी एमएफ में गिरावट के बावजूद एसआईपी में बना हुआ है निवेशकों का आकर्षण
आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी एमएफ में गिरावट के बावजूद सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेशकों का आकर्षण बना हुआ है। अप्रैल में एसआईपी के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश मार्च के चार महीने के निचले स्तर से उबरते हुए रिकॉर्ड 26,632 करोड़ रुपये पहुंच गया। मार्च में एसआईपी के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश मामूली घटकर 25,926 करोड़ और फरवरी में 25,999 करोड़ रुपये रहा था।
ये भी पढ़ें: NPA: सरकारी बैंकों का मुनाफा 1.79 लाख करोड़ के नए शिखर पर, एनपीए घटा; कारोबार और बेहतर मार्जिन का दिखा असर
46 लाख नए एसआईपी खाते पंजीकृत
आंकड़ों के मुताबिक, बीते महीने कुल 1.36 करोड़ निष्क्रिय एसआईपी खाते बंद हो गए। इसके बावजूद एसआईपी खातों की कुल संख्या मार्च के 8.11 करोड़ से बढ़कर अप्रैल में 8.38 करोड़ पहुंच गई। इस अवधि में 46 लाख नए एसआईपी खाते पंजीकृत हुए हैं।
एयूएम 70 लाख करोड़ रुपये के नए शिखर पर
एम्फी के मुताबिक, म्यूचुअल फंड उद्योग का एयूएम (प्रबंधन के अधीन संपत्तियां) अप्रैल में बढ़कर 70 लाख करोड़ रुपये के नए शिखर पर पहुंच गया। यह मार्च के 65.74 लाख करोड़ रुपये से करीब 6.50 फीसदी अधिक है। फरवरी में उद्योग का एयूएम 64.53 लाख करोड़ था।
ये भी पढ़ें: IMF Pakistan Bailout: भारत के एतराज के बावजूद आईएमएफ से पाकिस्तान को एक बिलियन डॉलर का कर्ज; आतंकी गतिविधि...
फ्लेक्सी कैप फंड में आए सर्वाधिक 5,542 करोड़
इक्विटी श्रेणियों में फ्लेक्सी कैप फंड में निवेशकों ने सबसे अधिक 5,542 करोड़ रुपये का निवेश किया।
- मिडकैप और स्मॉलकैप म्यूचुअल फंडों में क्रमशः 3,314 करोड़ व 4,000 करोड़ का निवेश हुआ।
- लार्जकैप फंड में 2,671 करोड़ रुपये का निवेश आया। मार्च में यह 2,479 करोड़ रुपये था।
बाजार की गिरावट में चुनें एसेट अलोकेशन फंड
वेल्थ मैनेजर चिराग जैन कहते हैं, इस समय बाजार की गिरावट में निवेशकों को म्यूचुअल फंड के एसेट अलोकेशन फंड को चुनना चाहिए। यह फंड इक्विटी, डेट, कमोडिटीज, रियल एस्टेट जैसी संपत्तियों में निवेश करता है। इससे जोखिम कम होता है व उचित रिटर्न मिलता है, क्योंकि सभी संपत्ति वर्ग एक समय में एक जैसा प्रदर्शन नहीं करते।
संबंधित वीडियो